
सीएम योगी आदित्यनाथ ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने का किया ऐलान, PC- Patrika
उत्तर प्रदेश में लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। विधान परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट घोषणा की कि शिक्षामित्र, अनुदेशक, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और आशा कार्यकत्रियों के मानदेय में बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों की पेंशन भी बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
प्रदेश में करीब 1.47 लाख शिक्षामित्र और 28 हजार से अधिक अनुदेशक कार्यरत हैं। सरकार लगभग नौ साल बाद इनके मानदेय में वृद्धि करने जा रही है। सूत्रों के अनुसार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में लगभग 2 हजार रुपये प्रतिमाह तक की बढ़ोतरी संभव है। हालांकि आधिकारिक आदेश अभी जारी होना बाकी है, लेकिन मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद लाखों परिवारों में उम्मीद जगी है।
गौरतलब है कि वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों की समस्या के विधिक समाधान का वादा किया था। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद पर समायोजन रद्द हो गया था, जिसके बाद सरकार ने उनका मानदेय 3500 रुपये से बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रतिमाह किया था। इसके बाद से अब तक मानदेय में कोई वृद्धि नहीं हुई थी। सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायकों द्वारा समय-समय पर यह मुद्दा सदन में उठाया जाता रहा है।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार शिक्षकों और कर्मचारियों के सामाजिक सुरक्षा कवच को मजबूत कर रही है। सभी शिक्षकों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जो 1 अप्रैल से लागू होगी। इससे बड़ी संख्या में शिक्षामित्र और अनुदेशक भी लाभान्वित होंगे।
आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय में भी बढ़ोतरी का प्रस्ताव है। प्रदेश में लगभग 1.70 लाख आशा कार्यकर्ता कार्यरत हैं, जिन्हें वर्तमान में 2500 से 3500 रुपये तक प्रोत्साहन राशि मिलती है। सरकार इस राशि में भी सुधार की दिशा में कदम बढ़ा रही है।
Published on:
16 Feb 2026 08:25 pm
बड़ी खबरें
View Allलखनऊ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
