
गोमती नगर कांड: पार्ट टाइम जॉब के बहाने युवतियों से दरिंदगी, चौथी एफआईआर दर्ज (फोटो सोर्स : WhatsApp News Group)
Lucknow Cafe Crime: लखनऊ के गोमतीनगर इलाके में पार्ट टाइम जॉब का झांसा देकर युवतियों को कथित तौर पर नशीला पदार्थ पिलाकर सामूहिक दुष्कर्म किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस प्रकरण में ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए चौथी एफआईआर दर्ज की है। मामले ने शहर ही नहीं, पूरे प्रदेश में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि गोमती नगर स्थित एक कैफे में दिल्ली की एक युवती को कथित रूप से नशीला पदार्थ पिलाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से पार्ट टाइम जॉब का लालच देकर युवतियों को बुलाया। इंटरव्यू और काम के नाम पर उन्हें कैफे या अन्य स्थानों पर बुलाया जाता था। आरोप है कि वहां उन्हें पेय पदार्थ में नशीला तत्व मिलाकर पिलाया जाता, जिससे वे अचेत या असहाय हो जातीं। दिल्ली से आई पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसे भी इसी तरह बुलाया गया और उसके साथ दरिंदगी की गई। होश आने पर उसने खुद को असामान्य स्थिति में पाया और बाद में पूरी घटना की जानकारी सामने आई।
गोमती नगर थाने में अब तक इस प्रकरण में चार एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर नई शिकायत को गंभीरता से लिया जा रहा है और सभी आरोपों की जांच अलग-अलग कोणों से की जा रही है। पुलिस ने संबंधित कैफे, वहां काम करने वाले कर्मचारियों और कथित आरोपियों के मोबाइल फोन, सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को कब्जे में लिया है। फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है ताकि सच्चाई स्पष्ट हो सके। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि, “मामला बेहद गंभीर है। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पीड़िताओं की सुरक्षा और गोपनीयता का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।”
मामले ने तब और गंभीर रूप ले लिया जब पीड़िता ने दावा किया कि इस गिरोह के चंगुल में 100 से अधिक लड़कियां फंसी हो सकती हैं। उसने यह भी आरोप लगाया कि कुछ लड़कियों को कथित रूप से बंधक बनाकर रखा गया है। हालांकि पुलिस ने इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस एंगल से भी जांच शुरू कर दी गई है। संभावित पीड़िताओं की पहचान और तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है।
मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने भी प्रतिक्रिया दी है। Hindu Mahasabha के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shishir Chaturvedi पीड़िता के साथ गोमती नगर थाने पहुंचे और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि 100 से अधिक लड़कियों को बंधक बनाए जाने का आरोप सही है तो यह संगठित अपराध की श्रेणी में आता है और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। संगठन ने दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा, यहां तक कि मृत्यु दंड देने की मांग उठाई है।
थाने में मौजूद पीड़िता ने रो-रोकर आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। उसने कहा कि जो कुछ उसके साथ हुआ, वह किसी भी लड़की के साथ न हो। पीड़िता की पहचान कानूनन गोपनीय रखी गई है। पुलिस ने उसे चिकित्सीय जांच और काउंसलिंग के लिए भेजा है। महिला पुलिस अधिकारी और काउंसलर लगातार उसके संपर्क में हैं।
साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है ताकि डिजिटल चैट, कॉल रिकॉर्ड और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन की पड़ताल की जा सके।
इस घटना ने राजधानी में कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि ऐसे कैफे और संस्थानों की नियमित जांच होनी चाहिए जहां युवाओं को रोजगार के नाम पर बुलाया जाता है।
महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि शहर में संवेदनशील स्थानों पर गश्त बढ़ाई जाएगी और संदिग्ध गतिविधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी।
महिला अधिकार कार्यकर्ताओं का कहना है कि युवतियों को पार्ट टाइम जॉब या मॉडलिंग ऑफर के नाम पर मिलने वाले प्रस्तावों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। किसी भी अनजान स्थान पर अकेले जाने से पहले परिवार या विश्वसनीय लोगों को जानकारी देना आवश्यक है। वे यह भी सुझाव देते हैं कि जॉब ऑफर की प्रामाणिकता की जांच की जाए और संदिग्ध गतिविधि होने पर तुरंत पुलिस हेल्पलाइन से संपर्क किया जाए।
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Published on:
16 Feb 2026 10:10 pm
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