नायडू ने किया टंडन की किताब अनकहा लखनऊ का विमोचन
लखनऊ। भाजपा नेता लालजी टंडन की किताब अनकहा लखनऊ के विमोचन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और देश के उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने कहा कि इतिहास मात्र एक दस्तावेज नहीं अपितु मानवता की विशेषताओं के उत्थान और अवसान का लेखा जोखा होता है। लोक इतिहास, इतिहास लेखन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है लालजी टण्डन की पुस्तक। यह शहर सांस्कृतिक परम्पराओं का एक शानदार उदाहरण है। ऐसा लालजी टण्डन जी ने अपनी पुस्तक में भी लोखा है।
उन्होंने कहा कि टंडन ने बिना कहे सब कुछ कह दिया है। समझने वाले समझ गए हैं। उन्होंने कहा कि कुछ इतिहासकारों ने लखनऊ के इतिहास को मात्र नवाबी दौर से जोड़कर प्रस्तुत किया है। जबकि यहां का इतिहास और विरासत इससे आगे, बहुत आगे तक समृद्ध है। यहां का लोक इतिहास केवल नवाबी दौर पर आधारित नहीं है। नायडू ने कहा कि देश में कुछ बुराइयां बीच में उत्पन्न हुयी हैं, उन्हें बीच में ही समाप्त करना होगा।
dj djd djdj djd ek ej h du dl duu
नायडू ने सबका साथ-सबका विकास को सही मार्ग बताते हुए जीवन के सभी क्षेत्रो में महिलाओं के सशक्तीकरण की वकालत भी की। वे बोले कि इसका उदाहरण हिंदुत्व में भी है, उदाहरण के लिए, देवियों को देखिये सरस्वती देवी-शिक्षा मन्त्री, अन्नपूर्णा देवी खाद्य एवं आपूर्ति मन्त्री और लक्ष्मी देवी वित्त और आर्थिक मामलों की मन्त्री के रूप में पूजी जाती हैं। इस मौके पर राज्यपाल ने किताब पर अपने विचार रखे। इसी प्रकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी किताब पर बोलते हुए कहा कि किताब में टंडन ने वीरांगना ऊदा देवी से लेकर बलिदानी राजा हीरालाल तक का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता भारत की विशेषता है। अंग्रेजों की अपनायी नीति 'डिवाइड एण्ड रूल' से हमें बचना चाहिए। यह गलत है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मंत्री विधायक और क्षेत्रीय लोग भी मौजूद थे।