
Vivek Car
लखनऊ. विवेक तिवारी हत्याकांड में लगातार परत दर परत नए खुलासे हो रहे हैं। इस बार सामने आया कि आखिर अंडरपास में टकराने से व गोली लगने के बाद कितनी स्पीड पर विवेक तिवारी अपनी एसयूवी गाड़ी चला रहे थे। एसाईटी द्वारा मामले की जांच की जा रही है वहीं इनकी मोटर टर्मिनल यूनिट की तकनीकी टीम ने गाड़ी की स्पीड का खुलासा किया है। आपको बता दें कि 29 सितंबर की रात विवेक तिवारी पुलिस द्वारा किए गए हमले के बाद भी अपनी एसयूवी कार तब तक चलाते रहे जब तब थोड़ी दूरी पर वो अंडर पास के एक पिलर से टकरा नहीं गई।
यह थी कार की स्पीड-
मोटर टर्मिनल यूनिट की तकनीकी जांच रिपोर्ट के मुताबिक लखनऊ के शहीद पथ पर अंडरपास के पोल से टकराने से पहले विवेक तिवारी की एसयूवी कार की स्पीड करीब 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा के बीच में थी। अनुमन इतनी स्पीड चौड़ी रोड या हाइवे पर ही देखने को मिलती है। इस पर मोटर टर्मिनल यूनिट के विशेषज्ञों का मानना है कि इस रिपोर्ट को देखकर लगता है कि गोली लगने के बावजूद विवेक इतनी स्पीड से या तो अपनी जान बचाने के लिए अस्पताल का रुख कर रहा था और भाग रहा था या फिर वह अपनी सहयोगी सना खान को बचाने के लिए गाड़ी दौड़ा रहा होगा। वैसे आपको बता दें कि सना खान ने एक इंटरव्यू में बताया भी था कि गोली लगने के बाद भी विवेक उसे बचाने की पूरी कोशिश में लगे थे। और वह गाड़ी को रास्ते में कहीं नहीं रोकना चाह रहे थे।
ऐसे लगाया गया स्पीड का अनुमान-
पुलिस विभाग की मोटर टर्मिनल यूनिट के सब इंस्पेक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया है कि उनकी यूनिट ने कार की तकनीकी जांच पूरी कर रिपोर्ट को एसआईटी को सौंप दी है। उन्होंने बताया कि जब से विवेक की कार गोमतीनगर पुलिस स्टेशन में लाई गई थी, तभी से उनकी टीम ने कार की तकनीकी जांच शुरू कर दी थी। जांच में पाया गया है कि कार के बोनट की बाहरी तरफ एक गहरा दबाव है, तो बोनट के अंदर फैन बेल्ट, ग्रिल्स, रेडिएटर और बाकी पुरजे पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। यह सब देखने का इसका अंदाजा लगाया जा सकता हैं कि अंडरपास के पोल से टकराने से पहले गाड़ी की रफ्तार करीब 70 से 80 किलोमीटर प्रतिघंटा रही होगी।
Published on:
10 Oct 2018 06:36 pm
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