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कुत्ता पालने वालों को देना होगा टैक्स, जानें क्या है कुत्ता कर और क्या है इसके नियम

सोशल मीडिया पर इन दिनों डॉग टैक्स यानी कि कुत्ता कर शब्द वायरल हो रहा है। इसका मतलब है कि कुत्ता पालने के लिए अब टैक्स देना होगा। लखनऊ में डॉग टैक्स बढ़ाने की योजना बनाई गई है। वहीं, प्रयागराज में भी यह नियम लागू किया जा रहा है।

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File Photo of Dog

राजधानी लखनऊ में नगर निगम में कुत्ता कर बढ़ाने की योजना बनाई है। वहीं, अब प्रयागराज में भी डॉग लवर्स को कुत्ता पालने के लिए टैक्स देना पड़ सकता है। लखनऊ में हुई पिटबुल वाली घटना के बाद से यह नियम बनाया गया है। हालांकि अभी तक अधिक लोगों को 'कुत्ता कर' और इसके नियम की जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया पर यह शब्द तेजी से वायरल हो रहा है। आइए जानते हैं क्या है कुत्ता कर और क्या होते हैं इसके नियम।

इतना देना होगा टैक्स

प्रयागराज नगर निगम ने कुत्ता पालने वालों से टैक्स वसूलने की तैयारी कर ली है। अगर कुत्ता पालकों ने सालाना टैक्स नहीं चुकाया तो उन्हें जुर्माना भरना पड़ेगा। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाई गई है जो घर-घर जाकर जांच करेगी। कुत्ता पालने वालों को सालाना 630 रुपये देने होंगे। वहीं, अगर किसी ने अपने कुत्ते का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है तो उसे 5000 रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है।

डॉग टैक्स का यह भी है नियम

रजिस्ट्रेशन के बाद नगर निगम के पशु चिकित्सा और कल्याण अधिकारी के कार्यालय से कुत्ता कर का टोकन दिया जाएगा जिसे अपने कुत्ते के गले में पहनाना अनिवार्य होगा।

लखनऊ और गोरखपुर में भी कुत्ता पालने वालों के लिए बड़ी खबर

लखनऊ नगर निगम ने कुत्ता कर में इजाफा करने का मन बना लिया है। इसके लिए योजना बनाई जा रही है। इस पर अंतिम मुहर लगने के बाद फाइनल ऐलान होगा।

गोरखपुर में भी नगर निगम ने पालतू डॉग्स की रजिस्ट्रेशन फीस 50 गुना बढ़ा दी है। अब 2 रुपये की जगह 100 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी।

पिटबुल की घटना के बाद हुए बदलाव

यह बदलाव लखनऊ में बीते दिनों हुई पिटबुल वाली घटना को देखते हुए किया जा रहा है। लखनऊ की एक महिला को उसके ही पालतू कुत्ते ने नोंच-नोंच कर मार डाला था। इस घटना के बाद से कुत्ता पालने वालों के लिए कर वसूली का नियम बनाया जा रहा है। साथ ही इस तरह के खतरनाक कुत्ते को पालने वालों से प्रशासन ने समय-समय पर ट्रेनिंग कराने की बात कही है।

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