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Patrika Expose : कौन हैं अवधेश और शुभम, उन्नाव रेप केस में जिनके नाम थी FIR, लेकिन अब चर्चा तक नहीं

20 जून 2017 को माखी थाने में इस मामले में पहली FIR दर्ज हुई थी, इसको रेप पीड़िता की मां ने सुबह छह बजकर पांच मिनट पर दर्ज कराया था।

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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

Apr 16, 2018

unnao rape case

लखनऊ. उन्नाव बलात्कार मामले में भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर, उसके भाई अतुल सिंह और शशि सिंह नामक महिला गिरफ्तार हो चुके हैं। लेकिन, इस मामले में एक और पक्ष है जिसकी चर्चा नहीं हो रही। 20 जून 2017 को माखी थाने में इस मामले में पहली एफआईआर दर्ज हुई थी। इसको रेप पीड़िता की मां ने सुबह छह बजकर पांच मिनट पर दर्ज कराया था। इस रिपोर्ट में माखी के ही निवासी शुभम और कानपुर के अवधेश तिवारी का नाम है।

बेटी को बहलाकर भगाने का आरोप
रिपोर्ट में पीडि़ता की मां ने लिखवाया है कि अवधेश तिवारी शुभम का कार चालक है। दोनों 11 जून 2017 की रात को उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ भगा ले गए। इस रिपोर्ट में विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का कोई जिक्र नहीं है। बहरहाल, इस रिपोर्ट के बाद 20 जून को पुलिस ने पीडि़ता को बरामद कर लिया। इसके बाद शुभम पर दबाव बनाया गया कि वह पीडि़ता से शादी कर ले। शुभम और रेप पीडि़ता दोनों एक ही जाति यानी ठाकुर समुदाय से हैं। बहरहाल, इस मामले के जांच अधिकारी अजय रजावत ने 21 जून 2017 को अपने बरामदगी दस्तावेज (फर्द बरामदगी) में कुलदीप सिंह सेंगर का कोई जिक्र नहीं किया था।

पीडि़ता को बेचने की कहानी
बताया जाता है कि जब लडक़ी बरामद हो गयी तब इस समय एक वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें कहा गया कि शुभम और दो और अन्य लोग पीडि़ता को बहला-फुसला कर अपने साथ ले गए थे। इस दौरान पीडि़ता के साथ रेप किया गया। बाद में 60,000 रुपए में उसे औरैया के किसी यादव को बेच दिया। एक और वीडियो भी वायरल हुआ जिसमें पीडि़ता और दो अन्य की बातचीत का डिटेल है।

क्या अनीता नाबालिग नहीं है?
21 जून 2017 को दर्ज एफआइआर में पीडि़ता की उम्र लगभग 17 वर्ष बताई गई है। उम्र का यह दस्तावेज वीरेंद्र सिंह शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, माखी उन्नाव से जारी किया गया है। यह स्कूल विधायक सेंगर का है। प्रधानाचार्य के हस्ताक्षर से जारी इस दस्तावेज में पीडि़ता की उम्र जून 2017 में मात्र 15 वर्ष दिखाई गयी है। हालांकि, इस दस्तावेज में पीडि़ता के पिता का नाम गलत दर्ज है। जबकि, पीडि़ता की बरामदगी के बाद जो मेडिकल हुआ था उसमें बोन एक्सरे में उम्र साढ़े उन्नीस साल लिखी गयी है।

इस तरह जुड़ा शशि सिंह का नाम
पीडि़ता की की मां ने बाद में एक दरख्वास्त दी जिसमें शुभम की मां शशि सिंह का नाम भी है। पुलिस की दी गयी दरख्वास्त में लिखा है कि चार जून 2017 की रात उसकी नाबालिग बेटी को नौकरी का झांसा देकर शशि सिंह कुलदीप सिंह सेंगर के पास ले गई, जिसने उसकी बेटी के साथ बलात्कार किया गया। यह दरख्वास्त शशि सिंह और कुलदीप सिंह सेंगर के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत करने के लिए थी।

गांव में बंटे थे पोस्टर
मांखी गांव में सितंबर में कुछ पोस्टर भी बांटे गए थे। इन पोस्टर्स में विधायक सेंगर को जूतों की माला पहनाकर बलात्कारी के तौर पर पेश किया गया था। लडक़ी के चाचा ने 28 नवंबर 2017 को अखिलेश यादव , राष्ट्रीय अध्यक्ष, समाजवादी पार्टी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिठ्ठी भी लिखी थीं। इन चि_ियों में विधायक कुलदीप सिंह द्वारा दलितों की ज़मीन हड़प करने की शिकायत की गयी है। बहरहाल, विधायक और शशि सिंह हिरासत में हैं। लेकिन शुभम और अभिषेक अभी इस पूरे परिदृश्य से गायब हैं। सीबीआई भी इनसे पूछताछ नहीं कर रही।

NOTE : ये आर्टिकल पूरी तरह से FIR की कॉपी पर आधारित है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। FIR की ये कॉपी ओरिजिनल है या नहीं, इसकी सत्यता की पुष्टि पत्रिका नहीं करता है।