
यूपी सरकार ने किया यमुना इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड का गठन, खुलेंगे रोजगार के नए आयाम
लखनऊ. प्रदेश की योगी सरकार (Yogi Government) ने एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाने के लिए कई प्रयास कर रही है। साल 2017 में यूपी में चार एयरपोर्ट थे और कुल 25 स्थान हवाई अड्डे से जुड़े थे। लेकिन योगी सरकार ने एयर कनेक्टिविटी को बढ़ाते हुए छह एयरपोर्ट को क्रियाशील किया, जिसमें एशिया के सबसे बड़े इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर ग्रीनफील्ड) (Jewar Airport) शामिल है। इसके निर्माण कार्य के लिए यमुना इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी का गठन किया गया है। जेवर एयरपोर्ट की ही तरह प्रदेश में बनने वाले अन्य एयरपोर्ट पर कार्य किया जाएगा, जिसमें अयोध्या में बनने वाले अंतर्राष्ट्रीय स्तर के रामचंद्र एयरपोर्ट भी शामिल है। योगी सरकार के इस कदम से प्रदेश के औद्योगिक सुधार को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार और व्यापार की असीम संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही निवेशकों का रुख भी उत्तर प्रदेश की ओर बढ़ेगा।
अर्थव्यवस्था होगी मजबूत
योगी सरकार का दावा है कि 30 हजार करोड़ के निवेश से बनने वाले जेवर ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट से उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी। औद्योगिक विकास के नए आयाम खुलेंगे। साथ ही सरकार को एक लाख 10 हजार करोड़ रुपये से अधिक की आय का फायदा हो सकता है। इस एयरपोर्ट से नोएडा, ग्रेटर नोएडा, गाजियाबाद और यमुना एक्सप्रेस वे क्षेत्र में करीब एक लाख करोड़ रुपये का निवेश आएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर विभाग ने स्पेशल परपज व्हीकल के गठन के बाद पर्यावरण क्लीयरेंस प्राप्त करने की कवायद पर काम शुरू कर दिया है। 28 जनवरी को केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की बैठक प्रस्तावित है, जिसमें जेवर एयरपोर्ट पर क्लीयरेंस मिलने के साथ-साथ दो रन वे एयरपोर्ट को छह रन वे विस्तार करने की योजना पर भी विचार होगा। बता दें कि जेवर एयरपोर्ट चीन को पीछे छोड़ एशिया का दूसरा सबसे बडा एयरपोर्ट होगा। 2022-23 तक जेवर एयरपोर्ट उड़ाने बरना शुरू करेगा। जेवर एयरपोर्ट के निर्माण के साथ ही प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था को नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही निवेशकों के लिए कई रास्ते खुलेंगे।
Published on:
25 Jan 2020 03:57 pm
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