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यूपी के इन राज्य कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी, सीएम योगी तैयार करवा रहे फाइनल लिस्ट

नपेंगे उत्तर प्रदेश सरकार पर बोझ बने अफसर-कर्मचारी, शुरू हो गई स्क्रूटनी...
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लखनऊ

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Hariom Dwivedi

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Updated: 11 Sep 2018, 2:58 PM IST

yogi adityanath

यूपी के इन राज्य कर्मचारियों की जा सकती है नौकरी, सीएम योगी तैयार करवा फाइनल लिस्ट

लखनऊ. उत्तर सरकार सूबे के नकारा अफसरों और कर्मचारियों पर कड़े एक्शन की तैयारी में है। राज्य के बेलगाम और कामचोर अफसरों-कर्मचारियों की लिस्ट भी बननी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काम न करने वाले कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई के आदेश दिये हैं। उन्होंने कहा कि सूबे के लिये बोझ बने और सरकार को बदनाम कर रहे अफसर-कर्मचारियों को अब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। काम में लापरवाही बरतने और जनता के हितों की अनदेखी करने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिये अफसरों-कर्चमारियों की स्क्रूटनी भी शूरू हो गई है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद से ही योगी आदित्यनाथ अफसरों पर नकेल कसते नजर आ रहे हैं। पहले महीने में ही उन्होंने सरकारी अफसरों-कर्मचारियों की लेट-लतीफी रोकने के लिये दफ्तरों में बायोमैट्रिक्स मशीनें लगाने के निर्देश दिये थे। आधी रात तक खुद अफसरों संग कार्यालय में मौजूद रहे। रिव्यू मीटिंग्स में सीएम ने अफसरों-कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिये कि अगर यूपी में काम करना है तो सभी को ईमानदारी और लगन के साथ 18-20 घंटे तक काम करना होगा। किसी भी कीमत पर अधिकारियों व कर्मचारियों की अकर्मण्यता स्वीकार नहीं की जाएगी।

यह भी शासनादेश जारी कर चुकी है सरकार
बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि राज्य सरकार समूह 'क' और समूह 'घ' के उन सभी अफसरों-कर्मचारियों की स्क्रीनिंग करेगी जो 50 वर्ष की उम्र पार कर चुके हैं और उनका काम असंतोषजनक है। स्क्रीनिंग में फेल कर्मचारियों को राज्य सरकार अनिवार्य सेवानिवृत्ति देगी। इनकी जगह काबिल बेरोजगार युवाओं को नौकरी दी जाएगी। अपर मुख्य सचिव के शासनादेश के मुताबिक, नियुक्ति प्राधिकारी किसी भी समय, किसी स्थायी या अस्थायी सरकारी कर्मचारी को नोटिस देकर बिना कारण बताये अनिवार्य सेवानिवृत्त दे सकता है। इस नोटिस की अवधि तीन माह की होगी। खास बात है कर्मचारियों को सुनवाई का कोई मौका भी नहीं दिया जाएगा।