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मिथिला पेंटिंग और खादी की नये तरीके से होगी ब्रांडिंग

खादी पर मिथिला पेंटिंग उकेरी जाएगी और उसे दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी भवन के जरिये बाजार दिया जाएगा...

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Shribabu Gupta

Sep 07, 2015

khadi utsav

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मधुबनी।
मिथिला पेंटिंग और खादी के प्रति नयी पीढ़ी में रूझान बढ़ाने के लिए सरकार ने पहल की है। खादी पर मिथिला पेंटिंग उकेरी जाएगी और उसे दिल्ली के कनॉट प्लेस के खादी भवन के जरिये बाजार दिया जाएगा। इसके लिए मिथिला पेंटिंग के कलाकारों का कलस्टर बनाया जाएगा, जिसमें एक हजार माहिर कलाकार सदस्य होंगे। दो अक्टूबर को दिल्ली में पहली प्रदर्शनी लगेगी। इसका पूरा जिम्मा खादी ग्रामोद्योग आयोग ने संभाला है।


पहले चरण में मधुबनी में एक कलस्टर का निर्माण कराया जाएगा, जिस पर लगभग 10 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। कलस्टर की मियाद पांच साल की होगी। दूसरे चरण में मिथिलांचल के दरभंगा एवं सीतामढ़ी में कलस्टर बनेगा। मधुबनी में कलस्टर निर्माण के लिए सर्वे हो चुका है।


सर्वे में खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग हेडक्वार्टर मुंबई के पब्लिक रिलेशन मैनेजर एससी झा व राज्य कार्यालय पटना से विकास अधिकारी विजय कुमार सिंह शामिल थे। इनलोगों ने मिथिला पेंटिंग के गढ़ माने जाने वाले जितवारपुर, रांटी, मंगरौनी, सिमरी व रहिका सहित कई गांवोंको देखा। वहां की शिल्पियों से बातचीत की।


एससी झा ने बताया कि फिलहाल दो अक्टूबर की प्रदर्शनी के लिए भागलपुर व कोलाकाता से लगभग दस लाख सिल्क की साड़ी, सूट व सूती कपड़े मंगाकर पेंटिंग के लिए शिल्पियों को दिया गया है। वे १५ दिनों में मिथिला पंटिंग उकेर कर खादी ग्रामोद्योग को देंगे। इसके बदले में कलाकारों को अच्छे पैसे दिए जाएंगे।

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