
रजिस्ट्री का 59 फीसदी लक्ष्य हासिल, सरकारी खजाना भरा
महासमुंद. जिला पंजीयक विभाग ने आठ महीने में 58.72 फीसदी राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य हासिल कर लिया है। अप्रैल से लेकर अब तक ७१८५ जमीन व मकान की रजिस्ट्री हुई है। इससे कुल २७ करोड़ २० लाख रुपए की राजस्व प्राप्ति हो चुकी है। पिछले साल की तुलना में इस वित्तीय वर्ष में अब तक १९५३ रजिस्ट्री ज्यादा हो चुकी है।
अक्टूबर महीने में ही जमीन व मकान की 389 रजिस्ट्री हुई है। जिससे एक करोड़ 72 लाख रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है। हर साल धनतेरस पर जमीन व मकान की रजिस्ट्री ज्यादा होती है। इस साल धनतेरस रविवार को पड़ रहा है। इस दिन के लिए विभाग को अभी तक कोई निर्देश नहीं मिले हैं।
जिला पंजीयक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार अक्टूबर माह में पिथौरा में 47 दस्तावेज में 13 लाख 22 हजार का राजस्व की प्राप्ति हुई है। इसी तरह सरायपाली 62 दस्तावेज से 25 लाख, महासमुंद से 195 दस्तावेज से एक करोड़ 7 लाख 44 हजार, बसना में 75 दस्तावेज में 15 लाख रुपए का राजस्व मिला है। नवरात्रि के बाद से ही रजिस्ट्री में तेजी आई है। पितृ पक्ष में रजिस्ट्री की संख्या कम हो गई थी। जिला पंजीयक दीपक मंडावी ने बताया कि 44 करोड़ रुपए राजस्व प्राप्ति करने का टारगेट है। अब तक पिछले वर्ष से 1953 दस्तावेज ज्यादा पंजीयन हुआ है। ५८.७२ फीसदी लक्ष्य हासिल कर लिए हैं, जो विभाग को दिसंबर तक पूरा करना था। धनतेरस पर इस वर्ष रविवार पड़ रहा है। कार्यालय खुलने की संभावना कम है। मुख्यालय से अब तक कोई निर्देश नहीं आया है।
महासमुंद जिला कृषि प्रधान जिला है। यहां ज्यादातर भूमि का पंजीयन किया जाता है। वर्तमान में किसान कृषि संबंधित कार्यों में जुटे हैं। खेती-किसानी खत्म होने के बाद या धान खरीदी के प्रारंभ होने के बाद किसानों के हाथों में धान का पैसा आएगा। इसके बाद रजिस्ट्री में और वृद्धि होने की संभावना है। मतलब नवंबर तक जिला पंजीयक कार्यालय को ज्यादा रजिस्ट्री होने की उम्मीद है। पिछले तीन वर्षों से जिला पंजीयक कार्यालय में रजिस्ट्री बढ़ी है। लक्ष्य दिसंबर व जनवरी माह में ही पूरा हो रहा है।
Published on:
21 Oct 2022 11:34 am

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