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यहां के घरों में कैद रह गए बच्चे और बुजुर्ग, बेखौफ दलाल कर रहे ये काम

यह काम क्षेत्र के दबंग मजदूर दलाल बेखौफ कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

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कोमाखान/खोपलीपड़ाव. बागबाहरा क्षेत्र से भारी संख्या में मजदूरों का पलायन हो रहा है। कोमाखान रेलवे स्टेशन पलायन का केन्द्र बना हुआ है, जहां ट्रेन से हर हफ्ते सैकड़ों, हजारों की संख्या में मजदूरों को दूसरे प्रदेश रवाना कर दिया जाता है। यह काम क्षेत्र के दबंग मजदूर दलाल बेखौफ कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहा। बागबाहरा क्षेत्र के अधिकांश गांवों की गलियों में इन दिनों सन्नाटा पसरा हुआ है। घरों में केवल बुजुर्ग और बड़े बच्चे ही रह गए हैं।

बागबाहरा क्षेत्र में दर्जनों मजदूर दलालों के सक्रिय हैं और पूरी योजनाबद्ध तरीके से और दबंगई के साथ गरीब मजदूरों को उत्तरप्रदेश के ईंट भ_ों में झोंक रहे हैं। बड़ी संख्या में पलायन की सूचना देने पर संबंधित आला अफसरों ने कहा था कि कार्रवाई करेंगे। लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई और इस गुरुवार को भी कोमाखान रेलवे स्टेशन से सैकड़ों मजदूरों को दलालों ने यूपी भेज दिया। गुरुवार सुबह कोमाखान रेलवे स्टेशन पर पलायन करने वाले मजदूरों का मजमा लगा हुआ था। सैकड़ों मजदूरों को गांव-गांव से लाया गया। सुबह से मजदूर दलाल अपने मुंशियों के सहारे मजदूरों को ट्रैक्टर, पिकअप आदि वाहनों में भरकर रेलवे स्टेशन पहुंचा रहे थे। मजदूर दलालों के मन मे न कोई डर, न कोई झिझक, वे बेखौफ होकर भेड़ बकरियों की तरह मजदूरों को खुलेआम ढो रहे थे।

मनरेगा के तहत ९३ हजार मजदूर पंजीकृत, केवल ६ हजार को मिला काम
पुलिस, मानव तस्कर विभाग, श्रम विभाग, राजस्व अधिकारी सबकी मिलीभगत है। बागबाहरा ब्लॉक में मनरेगा में 93000 लोग पंजीकृत हैं, लेकिन मात्र 6000 को ही काम उपलब्ध कराया गया है।
अंकित बागबाहरा, अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस

प्रशासन के लचर रवैए और आपसी साठगांठ के चलते भारी संख्या में मजदूरों का पलायन कराया जा रहा है। मनरेगा के तहत काम नहीं मिलना और कार्यों का भुगतान 2 वर्षों से न मिलना भी पलायन की प्रमुख वजह है।
शफी मोहम्मद, ब्लॉक अध्यक्ष जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़

पलायन होना शासन की नाकामी को दर्शाता है। जिस गांव को सांसद द्वारा चयनित कर आदर्श गांव बनाया गया है, अगर वही गांव पलायन का केंद्र बना हुआ है तो और इससे अच्छा दिन क्या हो सकता है।
लोकेश्वर चंद्राकर, महासचिव शिवसेना

ये कहते हैं अफसर
पलायन की सूचना मिलते ही मैं कोमाखान रेलवे स्टेशन गया था, जहां पर कोई भी नहीं मिल पाया। सभी ट्रेनें जा चुकी थीं। हमारी पूरी टीम अगली बार के लिए पूरी तरह से तैयार है। जल्द ही बड़ी कार्रवाई करूंगा।
संदीप मांडले, प्रभारी मानव तस्कर सेल महासमुंद

मानव तस्कर सेल और कोमाखान थाना के जवानों द्वारा रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड में जांच की गई, जल्द ही बड़ी कार्रवाई करेंगे।
सुधांशु बघेल, थाना प्रभारी कोमाखान

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