
महासमुंद. लोक सुराज अभियान शासन-प्रशासन का जनता के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं जानने और निराकरण का उपक्रम भर नहीं है, जनता से नाता मजबूत करते हुए सत्ता का लक्ष्य साधने के लिए यह अहम कसरत भी है। इस अभियान की राजनीतिक अहमियत मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अपनी बातों से स्पष्ट हो गई, जब उन्होंने कहा कि लोक सुराज अभियान के कारण ही मैं 14 साल से मुख्यमंत्री हूं।
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. सिंह ने कहा कि लोक सुराज अभियान में पूरा शासन-प्रशासन जनता के बीच पहुंचता है। सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों से लेकर सांसद, विधायक, मंत्री और मुख्यमंत्री गांव-गांव में पहुंचकर चौपाल लगाते हैं और जनता से सीधा संवाद करते हुए उनकी समस्याएं जानकर गुणवत्ता पूर्वक निराकरण किया जाता है। यही कारण है कि महासमुंद जिले में इस बार शिकायतों में कमी आई है, इसका मतलब है यहां काम हो रहे हैं।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने लोक सुराज अभियान के तहत मंगलवार शाम जिला पंचायत के सभाकक्ष में महासमुंद और गरियाबंद जिले की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को आगामी छह माह के लिए कार्य योजना बनाकर अधिक गतिशीलता से काम करते हुए सभी योजनाओं में शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए।
गणेशजी भक्त हैं
जिले का एक बड़ा क्षेत्र जंगली हाथियों की समस्या से जूझ रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन ग्रामीणों को इस विकट समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठा पाया है। इस संबंध में पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां गणेशजी भक्त हैं, इसलिए हाथी यहां विराजे हैं।
24 हजार घर अगस्त तक होंगे बिजली से रोशन
कांकेर/पखांजूर. मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह प्रदेशव्यापी लोक सुराज अभियान के तहत मंगलवार को कोयलीबेड़ा ब्लॉक के ग्राम पंचायत माटोली के समाधान शिविर में भी पहुंचे। ग्रामीणों की मांग पर 7 पंचायतों में 100 डबरी निर्माण की स्वीकृति मंच पर ही दे दी। ब्लॉक के अंतिम गांव तक अगस्त तक 24 हजार घरों को बिजली की सुविधाएं पहुंचाने का दावा किया। मुख्यमंत्री ने यहां 132 केवी बिजली क्षमता के विद्युत स्टेशन का निर्माण जल्द से जल्द शुरु करने की घोषणा की।
Updated on:
29 Mar 2018, 11:44 AM IST
Published on:
28 Mar 2018, 1:17 PM IST
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