
डिसेबल फ्रेंडली नहीं, दिव्यांगों को सरकारी दफ्तरों तक पहुंचने में हो रही परेशानी
शहर में बहुद्देशीय विकलांग विद्यालय ही डिसेबल फें्रडली बना है। फिर चाहे कलक्टोरेट हो या जिला पंचायत, अस्पताल कोई भी दिव्यांगों के अनुकूल नहीं है। दफ्तरों में लिफ्ट की भी सुविधा नहीं है। पत्रिका टीम ने जब जिला मुख्यालय के विभिन्न कार्यालयों का मुआयना किया, तो देखा कि दिव्यांग बड़ी मुश्किल से दफ्तरों में पहुंचते हैं। अब तक किसी ने भी दिव्यांगों की सुध लेना मुनासिब नहीं समझा। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में दिव्यांग के अनुकूल भवन नहीं बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को फटकार लगाई थी। सुप्रीम कोर्ट ने खास तौर से नेत्रहीन लोगों का ख्याल रखने को कहा था।
दिव्यांगों को बस, ट्रेन, हवाई जहाज में भी सफर करने में समस्या होती है। समाज कल्याण विभाग के शिक्षा संगठन ने बताया कि दिव्यांगों के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जानकारी के मुताबिक दिव्यांगों की सुविधा के लिए सरकारी कार्यालयों में रिसेप्शन डेस्क की उंचाई कम होनी चाहिए, अनुकुल पार्किंग, पेयजल, शौचालय, जैसी सुविधा मुहैया कराया जाना है, लेकिन दफ्तरों में ऐसा नहीं है। वहीं इस दिशा में कोई काम होता दिख भी नहीं रहा है। वहीं दिव्यांग कई महीनों से ट्रायसिकल, हियरिंग मशीन, राशनकार्ड, पेंशन के लाभ से वंचित हैं। विभाग के अफसरों की मानें तो दफ्तरों में रैंप निर्माण के लिए सर्वे होने वाला है।
सभी सरकारी कार्यालयों में रैंप निर्माण कराना जरूरी है, ताकि दिव्यांग संबंधित कार्यालयों तक आसानी से पहुंच सकें। जानकारी के मुताबिक केंद्र और राज्य सरकार की ओर से भवनों के निर्माण के साथ ही रैंप के लिए भी बजट जारी किया जाता है। वर्तमान में सभी भवन को आधुनिक तरीके से बनाया जा रहा है। फिर भी दिव्यांगों की सुविधा का ख्याल नहीं रखा जा रहा है।
जिले में 12 हजार 583 दिव्यांग हैं। अस्थि बाधित 7718, श्रवण बाधित 880, दृष्टि बाधित 1794, मंद बुद्धि 1254, बहुविकलांग 898, बौना 39 हैं। महासमुंद विकासखंड में 2482, बागबाहरा 2028, पिथौरा 3151, बसना में 2397, सरायपाली में 2510 हैं। वर्तमान में बहुदेश्यीय दिव्यांग विद्यालय में 32 विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है। लगभग एक हजार दिव्यांगों ने रोजगार कार्यालय में पंजीयन कराया है।
समाज कल्याण विभाग के डिप्टी डायरेक्टर, डीडी मंडावी ने बताया वर्कआडर जारी हुआ है। शहर के पांच सरकारी कार्यालयों का चिन्हांकन किया गया है। इनमें कलक्टोरेट, जिला पंचायत, जिला अस्पताल, न्यायालय आदि शामिल है । इनमें दिव्यांगों के लिए सारी सुविधाएं दी जाएंगी।
Published on:
06 Aug 2018 09:00 pm
बड़ी खबरें
View Allमहासमुंद
छत्तीसगढ़
ट्रेंडिंग
