कहीं किसान अपनी फसल काटकर मवेशियों को खिला रहे हैं। तो कहीं पानी की कमी को देखते हुए छोर के खेतों में लगी फसल को छोड़ रहे हैं, ताकि बाकी फसल को बचा सकें। जानकारी के अनुसार जिले में करीब एक लाख हेक्टेयर में रबी की फसल ली जा रही है। इसमें करीब 35 हजार हेक्टेयर में धान की फसल ली जा रही है। महासमुंद, पटेवा, झलप, खल्लारी, बागबाहरा, पिथौरा, बसना तथा सरायपाली अंचल में भूजल स्तर में तेज गिरावट के अलावा लो-वोल्टेज और बिजली कटौती भी रबी रबी फसल पर संकट की बड़ी वजह हैं।