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छत्तीसगढ़ का यह गांव, महिलाएं मोबाइल के साथ-साथ कम्प्यूटर पर हैं ऑनलाइन

14 साल के बच्चे से लेकर 60 साल तक महिला-पुरुष मोबाइल और कम्प्यूटर पर इंटरनेट, ईमेल का उपयोग, कैसलेस ट्रांजेक्शन, शासन की ई सेवाओं और योजनाओं की जानकारी लेना सीख रहे हैं

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Chandu Nirmalkar

Jul 27, 2017

ललित मानिकपुरी@महासमुंद. ग्रामीण अंचल में जिनके घर कम्प्यूटर तो दूर मोबाइल तक नहीं, वो अब ऑनलाइन चल रहे हैं। 14 साल के बच्चे से लेकर 60 साल तक महिला-पुरुष मोबाइल और कम्प्यूटर पर इंटरनेट, ईमेल का उपयोग, कैसलेस ट्रांजेक्शन, शासन की ई सेवाओं और योजनाओं की जानकारी लेना सीख रहे हैं। पिछले दो महीने में ही जिले के 168 ग्राम पंचायतों में करीब साढ़े दस हजार घरों तक डिजिटल साक्षरता की रौशनी पहुंचने लगी है और एक हजार से अधिक घरों के एक सदस्य ने ऑनलाइन एक्जाम पास कर डिजिटल इंडिया में कदमताल शुरू कर दिया है।

ग्रामीण अंचल में यह कार्य गांवों के ही उन युवाओं के माध्यम से हो रहा है, जो सीएससी एसपीवी से जुड़कर प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान पीएमजी दिशा के दूत बने हुए हैं।

पीएमजी दिशा के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऐसे परिवारों का चिन्हांकन किया जा रहा है, जो डिजिटल साक्षर न हों। इनमें अमूमन ऐसे परिवार हैं, जिनके घर कम्प्यूटर या एन्ड्रायड मोबाइल भी नहीं है। ऐसे परिवार के किसी एक सदस्य को जो 14 से 60 वर्ष की आयु का हो उसे डिजिटली लिट्रेट किया जा रहा है, ताकि वह परिवार के अन्य लोगों को भी मोबाइल और कम्प्यूटर का संचालन करना और शासन की ऑनलाइन योजनाओं की जानकारी लेना सिखा सकें। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर शुरू कर लोगों को डिजिटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग पूरी तरह नि:शुल्क है।

जिले में पीएमजी दिशा के तहत 168 ग्राम पंचायतों में ट्रेनिंग सेंटर की शुरुआत हो चुकी है। इन सेंटरों में 10,333 लोगों ने रजिस्टे्रशन कराया है और ट्रेनिंग ले रहे हैं। वहीं 1082 लोगों ने ट्रेनिंग पूरी कर ऑनलाइन परीक्षा भी पास कर ली है। इन्हें भारत शासन द्वारा मान्यता प्राप्त सीएससीएसपीवी का प्रमाण-पत्र भी दिया जा रहा है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र के बकमा में 106 में से 10, भोरिंग में 167 में से 111, बिरकोनी में 250 में 100 और झालखम्हरिया में 250 में 197 लोगों ने परीक्षा पास कर ली है।

20 घंटे का ट्रेनिंग कोर्स

पीएमजी दिशा के तहत डिजिटल साक्षरता के लिए मात्र 20 घंटे का कोर्स है। इसमें करीब 5-6 घंटे का वीडियो भी है, जिसके माध्यम से प्रशिक्षणार्थी को पिक्चराइज्ड इमेज के माध्यम से बहुत आसान तरीके से मोबाइल और कम्प्यूटर की बेसिक जानकारी तथा इंटरनेट, ईमेल और ऑनलाइन सेवाओं की जानकारी दी जाती है। प्रशिक्षार्थी अपनी सुविधा के अनुसार समय दे पाते हैं। इसलिए 20 घंटे का कोर्स भी कई दिनों में हो पाता है। ट्रेनिंग सेंटरों में उन्हें केवल औपचारिक रूप से नहीं सिखाया जाता, बल्कि उक्तकोर्स के अनुसार पूरा ट्रेंड किया जाता है। कोर्स पूरा करने के बाद प्रशिक्षणार्थियों की ऑनलाइन परीक्षा होती है।

ज्यादा से ज्यादा लोग डिजिटल साक्षर बने

हमारा प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा लोग डिजिटल साक्षर बनें तथा और लोगों को डिजिटल साक्षर बनाएं, जिससे वे डिजिटल इंडिया में अपना योगदान कर सकें।
ईशांत चंद्राकर, डिस्ट्रिक्ट मैनेजर, सीएससी एसपीवी

कम समय में अच्छे नतीजे आ रहे हैं

पीएमजी दिशा लांग टर्म प्रोग्राम है। तीन साल का प्लान है। जिले में दो-तीन महीने पहले इसकी शुरुआत हुई है। कम समय में ही इसके अच्छे नतीजे आ रहे हैं।
आनंद कुमार सोनी, डीआईओ, एनआईसी महासमुंद