पीएमजी दिशा के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में ऐसे परिवारों का चिन्हांकन किया जा रहा है, जो डिजिटल साक्षर न हों। इनमें अमूमन ऐसे परिवार हैं, जिनके घर कम्प्यूटर या एन्ड्रायड मोबाइल भी नहीं है। ऐसे परिवार के किसी एक सदस्य को जो 14 से 60 वर्ष की आयु का हो उसे डिजिटली लिट्रेट किया जा रहा है, ताकि वह परिवार के अन्य लोगों को भी मोबाइल और कम्प्यूटर का संचालन करना और शासन की ऑनलाइन योजनाओं की जानकारी लेना सिखा सकें। इसके लिए हर ग्राम पंचायत में सीएससी सेंटर शुरू कर लोगों को डिजिटल साक्षरता की ट्रेनिंग दी जा रही है। यह ट्रेनिंग पूरी तरह नि:शुल्क है।