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सड़क हादसे में तबाह हुई इस बेसहारे की जिंदगी, अब इलाज के लिए खा रहा दर -दर ठोकरे

सडक़ हादसा क्या हुआ, पूरी जिंदगी तबाह गई
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महासमुंद

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Deepak Sahu

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Updated: 1 Jul 2018, 12:19 PM IST

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महासमुंद. छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में सडक़ हादसा क्या हुआ, पूरी जिंदगी तबाह गई। न कोई अपना, न कोई सहारा। महासमुंद नयापारा का यादराम बंगाली अब जिला अस्पताल के बिस्तर पर अपनी बेबसी और जिंदगी को हर वक्त कोस रहा है। अफसोस इस बात की भी है, कि दो मीठे बोल बोलने वाला भी आसपास नहीं है। भगवान से यही दुआ कर रहा है कि कोई फरिश्ता सामने आए और इलाज में मदद करे। ताकि जिल्लदभरी जिंदगी को संवारने के लिए दुनियां से कुछ खुशियां वो भी बटोर ले।

यादराम बंगाली पेशे से एक ड्राइवर है। इसी वर्ष तकरीबन पांच महीने पहले मालवाहक से महासमुंद से ओडिशा जा रहा था। सरायपाली के आगे सिंघोड़ा के पास टायर फटने से गाड़ी पलट गई। घायल अवस्था में उसे सरायपाली के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। तब राजधानी के अंबेडकर अस्पताल में उपचार के लिए उसे दाखिल कराया गया। अस्पताल में फौरी इलाज के बाद यहां से डिस्चार्ज कर दिया गया।

कुछ दिन बाद जब यादराम को फिर तकलीफ हुई, तो उसके साथियों ने महासमुंद के एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया। यहां जांच में पता चला कि उसकी रीढ़ की हड्डी की एक नस चिपक गई है। यह सुनकर यादराम बंगाली के होश उड़ गए। डॉ. आरके परदल का कहना है कि फिजियोथैरेपी से काफी राहत मिली है। पूरी स्वस्थ होते तक इलाज किया जाएगा।

यादराम को 6 जून से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन संपूर्ण राहत संभव नहीं है। बताया जाता है कि उसे किसी बड़े हॉस्पिटल में इलाज कराने की जरूरत है, पर उसकी आर्थिक स्थिति इतनी अच्छी नहीं है कि वह इलाज का बोझ वहन कर सके। स्मार्ट कार्ड से भी राहत मिलती, वह भी दुर्घटना के दौरान कहीं खो गया। पहले घरवाले साथ छोड़ गए और अब मर्ज की तकलीफ से वह बेबस है। इलाज के लिए पैसे नहीं हैं। उसकी बस एक ही तमन्ना है कि कोई मदद करने सामने आ जाए, जिससे उसकी जिंदगी एक फिर खुशियों से भर जाए।