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आठ टैंकरों की नहीं हुई मरम्मत और सफाई, आ रहा है गंदा पानी

इनमें से अधिकांश टैंकरों की सफाई नहीं हुई है और न ही 8 टैंकरों का मरम्मत हो पाया है।

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आठ टैंकरों की नहीं हुई मरम्मत और सफाई, आ रहा है गंदा पानी

महासमुंद. छत्तीसगढ़ के नगर पालिका के नलों से जिन वार्डों में पानी नहीं मिल पा रहा है, वहां पर टैंकरों के माध्यम से पानी की सप्लाई की जा रही है, लेकिन टैंकर के पानी में कीड़े निकलने की वजह से लोग इसे पीने से हिचकिचाने लगे हैं। नगर पालिका के पास 22 पानी टैकर हैं। इनमें से अधिकांश टैंकरों की सफाई नहीं हुई है और न ही 8 टैंकरों का मरम्मत हो पाया है।

टैंकर जर्जर अवस्था में पड़े हुए हैं। इन्हें मरम्मत की जरूरत है और वहीं जो टैंकर अच्छी अवस्था में हैं, उन टैंकरों में भी रिसाव होता है। नगर पालिका के टैंकरों को खुले में रखा जाता है। इसे रखने के लिए कोई शेडयुक्त गैरज नहीं है। इससे बरसात का पानी भी टैंकर में चला जाता है। इसकी नियमित सफाई नहीं होने से मैल नीचे में दबा रहता है। वहीं लोहे के टैंकरों में जंग लगने से भी पपडिय़ां निकल जाती है। टैंकरों की मरम्मत के लिए 20 लाख रुपए फंड आए थे। जर्जर1२ टैंकरों में से चार का ही मरम्मत हो पाया है।

शेष 8 का होना बाकी है। शहर में पानी टंकी और नलों से पेयजल पहुंचाया जाता है, लेनिक कुछ वार्ड में बोर का मोटर खराब हो जाने से लोगों को पानी की समस्या होती है। गौरतलब है कि वार्ड-1 के वार्डवासियों ने बुधवार को नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर हंगामा खड़ा कर दिया था। जल प्रदाय प्रभारी विजय श्रीवास्तव ने बताया कि अब शहर में स्टील वाले टैंकर आएंगे। लोहें के टैंकर को बदला जाएगा। पानी की सफाई के लिए ध्यान दिया जा रहा है।

लोहे के बने टैंकरों के स्थान पर अब पालिका स्टील के टैंकर का प्रयोग कर रही है। कुछ टैंकर स्टील के लाए गए हैं। आगामी दिनों में पूरे 22 स्टील के टैंकर से पानी की सप्लाई की जाएगी। इसके लिए टेंडर हो गया है। प्रक्रिया में चल रही है। वहीं कई लोहे के टैंकरों से रिसाव हो रहा है। पानी जल्दी ही समाप्त हो जाता है।

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