
मानसून के पहले पानी की जांच प्रारंभ, 7067 सैंपल एकत्रित
महासमुंद. लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने मानूसन के पहले पानी की जांच शुरू कर दी है। जिले में अब तक 573 गांवों से पानी के सैंपल एकत्रित किए जा चुके हैं। कुल 7067 सैंपलों की जांच की गई। इसमें से तीन सैंपल अमानक पाए गए। जिसे मानक स्तर पर लाने के लिए प्रयास किया गया।
लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने 2023-24 में 27891 पानी के संैपल लेने का लक्ष्य रखा है। मानसून के पूर्व बैक्टिरिया से संबंधित ३८१२ सैंपलों की जांच की गई। इसमें तीन अमानक मिले। 3773 में कैमिकल संबंधित जांच की गई। इसमें सभी सैंपल मानक स्तर के मिले। पेयजल की जांच के लिए महिला स्वसहायता समूह जल बहिनी को किट प्रदान किया गया है।
जल बहिनी की सहायता से ऐसे गांव जहां जल जीवन मिशन के तहत पानी की सप्लाई प्रारंभ हो गई है, वहां की महिलाएं पानी का सैंपल एकत्रित करती है। सैंपल की जांच रिपोर्ट अमानक आने पर महासमुंद स्थित प्रयोगशाला भेजा जाता है। यहां फिर से पानी की जांच की जाती है। प्रयोगशाला के अजय प्रजापति ने बताया कि वर्तमान में प्री-मानसून टेस्ट की प्रक्रिया चल रही है। मानसून समाप्त होने के बाद पोस्ट मानसून टेस्ट होगा। मानसून के बाद बैक्टिरिया से संबंधित जांच होंगे। वर्तमान में दो प्रकार की जांच की गई है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के अधिकारी एके लुनारे ने बताया कि ५७३ गांव में 7067 पानी के सैंपल प्री-मानसून टेस्ट के दौरान लिए जा चुके हैं।
६८११ महिलाओं को किया प्रशिक्षित
जल जीवन मिशन के तहत महिलाओं को पेयजल की जांच करने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा गांवों में शिविर लगाकर महिलाओं को पानी की गुणवत्ता जांचने की विधि बताकर व किट प्रदान किए गए हैं। अब तक जिले में ६८११ महिलाएं इससे जुड़ चुकी हैं और पानी की जांच कर रही हैं। महिलाओं द्वारा गांवों में जल के उपयोग के संबंध में भी समय-समय पर जागरुकता अभियान चलाया जाएगा।
Published on:
21 Jun 2023 12:13 pm

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