
Karhal Vidhan Sabha Seat: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने करहल में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका आचरण अपने पिता और सपा संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव की भावनाओं के विरुद्ध है। सीएम योगी ने कहा, "भाजपा ने कहा था रामलला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे तो कर दिखाया। अब हम कहते हैं कृष्ण कन्हैया हम आएंगे, जनता की भावनाओं का सम्मान कराएंगे। क्या समाजवादी पार्टी इससे सहमत है? उसे तो सिर्फ वोट चाहिए, कृष्ण कन्हैया का सम्मान नहीं।"
करहल विधानसभा क्षेत्र के घिरोर कस्बे में आयोजित चुनावी जनसभा में 21 मिनट के भाषण में सीएम योगी, सपा-कांग्रेस पर हमलावर दिखे, तो इशारों में मथुरा की श्री कृष्ण जन्मभूमि का मुद्दा उठाना भी नहीं भूले। बांके बिहारी के जयघोष के साथ सीएम ने जनता से पूछा हमारे कृष्ण कन्हैया कब तक इंतजार करेंगे? भाजपा ही कृष्ण कन्हैया का सम्मान करेगी। मैं द्वारिका गया तो वहां काम देखा। पीएम मोदी के नेतृत्व में गुजरात सरकार कायाकल्प कर रही है। अखिलेश यादव आज तक दर्शन करने नहीं गए। उन्हें लगा वोट खिसक जाएगा। अयोध्या, मथुरा और काशी जाने पर इनका वोट खिसकता है। सपा से कहिए कन्हैया का सम्मान नहीं करते तो हम भी बाय-बाय करते हैं।
योगी आदित्यनाथ ने कहा, "उन्हें वोट चाहिए, लेकिन कृष्ण-कन्हैया का सम्मान नहीं। वे इस पर मौन हैं। सरकार मथुरा, गोकुल, बरसाना, बलदेव, वृंदावन तीर्थों का विकास कर रही है। लगता है मथुरा-वृंदावन पांच हजार साल पहले के कालखंड में जा चुका है, जब कन्हैया स्वयं वहां निवास करते थे।" उन्होंने कहा, "कुछ लोगों की प्रवृत्ति होती है, जो जिंदगी भर उनके साथ जुड़ जाती है। 'बबुआ अभी बालिग नहीं हुआ है', इसलिए कभी-कभी ऐसा काम कर देता है, जिससे मैनपुरी वालों के सामने भी संकट खड़ा हो जाता है।"
सीएम योगी ने पूछा, "राजू पाल-उमेश पाल की हत्या होती है तो सपा क्यों मौन रहती है? उमेश पाल की सुरक्षा में लगे निषाद जवान का क्या दोष था। यह लोग अपनी प्रवृत्ति से बाज नहीं आने वाले हैं। यह माफिया और अपराधी प्रवृत्ति के तत्वों और दंगाइयों को गले लगाकर प्रदेश को दंगे की आग में झोंकने का प्रयास करते हैं। कानपुर का दंगाई जेल की सलाखों के पीछे है। दलितों और वाल्मीकि समुदाय की जमीन पर कब्जा करने वाला सपा सरकार का पूर्व मंत्री रामपुर जेल में है। सपा उसे निर्दोष मानती है।"
मुख्यमंत्री ने कहा, "प्रयागराज हो या गाजीपुर के माफिया, सपा निर्दोष नागरिकों पर संवेदना नहीं व्यक्त करती, लेकिन माफिया के यहां फातिहा पढ़ने चले जाते हैं। सन् 1984 में सिख बंधुओं के साथ जिस निर्ममता के साथ बर्बर अत्याचार किया था, यह कांग्रेस के चेहरे को दिखाता है। सपा-बसपा और कांग्रेस एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं।"
Updated on:
10 Nov 2024 08:36 am
Published on:
10 Nov 2024 08:32 am
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