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अपने स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए हर एंटरप्रेन्योर खूब मेहनत करता है और सफलता की राह पर आगे बढ़ता है। हालांकि इस राह पर सभी के सामने एक समय ऐसा आता है, जब वह अपने सभी काम अकेले नहीं कर पाते। इस पॉइंट पर उन्हें एम्प्लॉइज की जरूरत पड़ती है। अगर आप भी ऐसे ही किसी मोड़ पर हैं और सब कुछ अकेले मैनेज नहीं कर पा रहे हैं तो आपको अपनी कंपनी के लिए एम्प्लॉइज का पहला सेट हायर कर लेना चाहिए। हालांकि, एम्प्लॉइज के पहले सेट को हायर करते वक्त आपको कुछ चीजों का खास ध्यान रखना चाहिए वरना आप मुश्किल में पड़ सकते हैं और विफलता के करीब पहुंच सकते हैं। आइए जानते हैं कि हायरिंग के समय किन चीजों का ध्यान रखना चाहिए-
पर्सनल असेसमेंट
हायरिंग करने से पहले आपको यह आकलन कर लेना चाहिए कि क्या आपके स्टार्टअप के लिए हायरिंग का यह सही समय है? आपको यह हमेशा याद रखना चाहिए कि बहुत जल्दी हायरिंग कर लेने से आपके खर्चे बढ़ जाते हैं। इसी तरह अगर आप देर से हायरिंग करते हैं तो इससे आपके स्टार्टअप की ग्रोथ प्रभावित होती है और आप मार्केट में पिछड़ जाते हैं। इसलिए जरूरी है कि आप सही समय पर हायरिंग करें। जब आपको लगे कि किसी शख्स को देने के लिए आपके पास कम से कम तीन से छह महीनों का काम है, तभी हायरिंग करें। इससे कम समय के लिए किसी को हायर करने से आप पर व्यर्थ ही खर्चे का बोझ बढ़ जाएगा।
लीगल जरूरतों की समझ
आपको हायरिंग करते समय एक एम्प्लॉयर के तौर पर अपने कानूनी दायित्वों को समझने की जरूरत होती है। कुछ चीजें जिन पर आपको सोचने की जरूरत होती है उनमें एम्प्लॉयमेंट लॉ, एम्प्लॉयमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स, टैक्स ऑब्लिगेशंस, न्यूनतम घंटे और तनख्वाह, ओवरटाइम आदि। आपको चाहिए कि आप अपना कुछ समय एम्प्लॉई पॉलिसीज पर रिसर्च करने में खर्च करें और यह समझें कि क्या आप वाकई इन सभी जिम्मेदारियों को बिजनेस की मौजूदा स्टेज पर उठाने के लिए तैयार हैं। इसके बाद ही कोई निर्णय लें। अगर आप ऐसा करेंगे तो यकीनन सफलता के करीब पहुंचते जाएंगे।
उन्हें साथ रखें जो मुश्किलों में साथ दें
अपने स्टार्टअप के लिए पहली बार हायरिंग करते वक्त ऐसे लोगों को ना चुनें जो किसी ब्रांड के साथ काम कर चुके हों या जिन्होंने सिर्फ बड़ी कंपनियों के साथ ही काम किया हो। स्टार्टअप के लिए काम करते वक्त ऐसे लोगों की जरूरत होती है जिनमें विफलता का सामना करने की हिम्मत हो और जो सीमित संसाधनों के साथ बेहतरीन काम करने की काबिलियत रखते हों। अपने स्टार्टअप के लिए ऐसे लोगों को प्राथमिकता दें जिन्हें बड़े नामों के साथ काम करने का लालच ना हो। ऐसे लोगों को साथ लेकर चलें जो बेहतरीन काम करना चाहते हों, ना कि बड़े ब्रांड के पीछे भागें। जो आपका मुश्किल समय में साथ दे सकें, उन्हें ही चुनें। यह एम्प्लॉइज बड़े ब्रांड के साथ काम करने के लालच में कभी आपके स्टार्टअप और आपका साथ नहीं छोड़ेंगे।
विविधता
अपने स्टार्टअप के लिए हायरिंग करते वक्त आपको अपने पहले कुछ काम स्पष्ट रूप से पता कर लेने चाहिए। इसके बाद आपको अपनी कंपनी में ऐसे लोगों को हायर करना चाहिए जो आपसे अलग हों और जिनमें अलग-अलग स्किल्स हों। अगर आप अपने जैसे लोगों को हायर करेंगे तो कंपनी में विविधता नहीं आएगी और सभी काम बेहतरीन ढंग से पूरे नहीं हो सकेंगे। कंपनी के एम्प्लॉइज में विविधता नहीं लाने से आप विफल हो सकते हैं।
सीटीसी
हायरिंग करते वक्त सीटीसी का भी ध्यान जरूर रखें। हर पोजीशन के लिए सैलेरी बैंड तय कर लें और उसी पर कायम रहें। उस पोस्ट के हर एम्प्लॉई को तय सैलेरी ही दें। स्टेचुएरी फायदों को सीटीसी का ही हिस्सा मानें। ऐसा करने से भविष्य में आपके ऊपर अतिरिक्त भार नहीं पड़ेगा और आप अपनी कंपनी को सफलता की ऊंचाइयों तक आराम से ले जा सकेंगे।
अनलर्निंग
अपने स्टार्टअप के लिए आपको ऐसे लोगों को हायर करना चाहिए जो अनलर्न करने के लिए तैयार हों यानी उन्होंने जो कुछ सीखा है उसे भुलाकर नए तरीकों को सीखने के लिए तैयार हों। अगर आपके एम्प्लॉइज पुराने तरीकों पर ही काम करते रहेंगे और नई चीजों को नहीं सीखेंगे तो आपका स्टार्टअप मार्केट में पिछड़ सकता है। इसलिए हायरिंग प्रक्रिया के दौरान अनलर्निंग के गुण पर जरूर ध्यान दें। याद रखें कि यह गुण आपके एम्प्लॉइज में होना जरूरी है।
आवेदकों की रुचि का भी ध्यान रखें
हर कोई पैशन की वजह से नौकरी नहीं करता। कई बार लोग सिर्फ मजबूरी में नौकरी करते हैं। हालांकि, एक स्टार्टअप के लिए आपको यह देखना जरूरी होता है कि जॉब प्रोफाइल और कंपनी के लक्ष्य के साथ आवेदक की रुचि है या नहीं। अगर एम्प्लॉइज में काम को लेकर कोई रुचि नहीं होगी तो वह काम को प्रोडक्टिव तरीके से नहीं करेंगे और ना ही कंपनी को आगे बढ़ाने में अहम योगदान लेंगे। इसलिए जरूरी है कि आप किसी भी आवेदक को अपनी कंपनी में नौकरी देने से पहले उसकी रुचियों, पैशन आदि के बारे में जरूर पूछ लें और सिर्फ उन्हीं लोगों को हायर करें जो अपने काम के प्रति उत्साहित हों ताकि आपकी कंपनी को आगे ले जा सकें। जब आपके एम्प्लॉइज दिल से अपना काम करेंगे, तभी वह अपना 100 प्रतिशत दे सकेंगे और काम बेहतर होगा।
Published on:
30 Sept 2018 10:42 am
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