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यदि आप दिनभर अपने टास्क पूरे करने में लगे रहते हैं और फिर भी शाम तक आपके टास्क पूरे नहीं हो पाते तो इस बारे में मैनेजमेंट से बात करना बेहतर है। वहीं यदि आप यह सोचकर तनाव में रहेंगे कि आपका काम एक व्यक्ति का नहीं है तो इससे वर्क स्ट्रेस बढ़ेगा और आपकी पर्सनल एवं प्रोफेशनल लाइफ प्रभावित होगी। मैनेजमेंट के सामने अपनी बात रखने के साथ ही आपको अपनी क्षमताओं और कौशल पर भी ध्यान देना चाहिए। यदि किसी तरह की स्किल संबंधी समस्या है तो मैनेजमेंट से बात करने से पहले एक बार अपनी क्षमताओं पर फिर से विचार कर लेना चाहिए। वहीं यदि मैनेजमेंट से बात करने के बाद भी कोई आपको उचित समाधान न मिले तो नए अवसरों पर ध्यान देना चाहिए।
रोजाना के काम को नोट करें
अपने रोजमर्रा के कामों की एक लिस्ट तैयार कर लें। इसके बाद हर काम के अनुसार टाइम तय करें। साथ ही यह भी कोशिश करें कि हर काम को कम से कम समय में पूरा करना है। इसके बाद भी यदि काम पूरे नहीं हो पाते हैं तो नए काम के लिए मना करने में किसी तरह का संकोच नहीं करें।
साथियों की मदद लें
यदि आप कॅरियर में नए हैं एवं वर्क अनुभव नहीं है तो अपने साथियों एवं सीनियर्स की मदद ले सकते हैं। इससे आपका समय भी खराब नहीं होगा। साथ ही आप नई स्किल्स को भी सीख सकते हैं। चाहें तो आप मेंटर या कॅरियर कोच से भी बात कर सकते हैं।
प्रॉब्लम्स पर विचार करें
यदि आपका टाइम मैनेजमेंट सही नहीं है तो इससे आपका बहुत समय खराब होगा। कई बार प्रोफेशनल्स इमेल का जवाब देने, वेब सर्चिंग एवं फोन कॉल्स में अपना समय खराब कर देते हैं और फिर वे समय न मिलने की शिकायत करते हैं। इसलिए मूल समस्या पर विचार करना जरूरी है।
प्राथमिकता से काम करें
यदि आपका काम पूरा नहीं हुआ है और बॉस ने आपको अन्य काम भी सौंप दिए हैं तो आपको इस बारे में बॉस से बात करनी चाहिए। यदि काम महत्त्वपूर्ण है तो आपको पहले उसे पूरा करना चाहिए, ताकि जरूरी काम समय पर पूरे हो जाए। अगले दिन की प्लानिंग एक दिन पहले करें।
पोजिशन का रखें ध्यान
किसी भी जॉब के लिए अप्लाई करने से पहले आपको यह अच्छी तरह से विचार कर लेना चाहिए कि आपका वर्क प्रोफाइल कैसा होगा। यदि आपको पोजिशन के वर्क प्रोफाइल से बहुत अधिक टास्क मिलते हैं तो आप इस बारे अपने सीनियर्स से बात कर सकते हैं, ताकि आपका वर्कलोड कम हो सके।
समाधान निकालें
समस्याओं से घबराने की बजाय उसका कोई उचित समाधान निकालना बेहतर होता है। इसलिए वर्कलोड को कम करने के लिए अपने बॉस से बात करें। यदि आपको लगता है कि किसी प्रोजेक्ट को पूरा करने में रिसर्च वर्क की आवश्यकता है और प्रोजेक्ट में अधिक समय लगेगा तो बॉस को इस परिस्थिति से अवगत करवाएं।
काम के प्रति ईमानदारी
यदि आपके परिवार में किसी तरह की समस्या चल रही है और इस वजह से काम प्रभावित हो रहा है तो अपनी मानसिक स्थिति के बारे में बॉस से बात करें। कुछ दिनों का अवकाश लें, ताकि आप लाइफ को फिर से सामान्य कर सकें। अवकाश के बाद लौटने पर काम की गंभीरता को समझते हुए ईमानदारी से उसे निपटाएं।
Published on:
04 Oct 2018 11:41 am
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