ऐसे शुरु करे नया स्टार्टअप तो हर हाल में होंगे कामयाब

ऐसे शुरु करे नया स्टार्टअप तो हर हाल में होंगे कामयाब

Sunil Sharma | Updated: 04 May 2018, 10:17:21 AM (IST) मैनेजमेंट मंत्र

अपने स्टार्टअप को सफलता हासिल करवाने के लिए आपको उसे सही शुरुआत दिलाने के साथ ही सही तरह से आगे बढ़ाने की भी जरूरत होती है।

आजकल हर कोई अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहता है और एंटरप्रेन्योर बनना चाहता है। बहुत से लोग ऐसा कर भी रहे हैं। हालांकि, इनमें से अधिकतर लोग स्टार्टअप शुरू तो कर लेते हैं लेकिन उसे सही तरीके से चला नहीं पाते और न ही आगे बढ़ा पाते हैं। नतीजतन, उनका स्टार्टअप कुछ ही समय में विफल हो जाता है। फोŽर्स के मुताबिक हर दस स्टार्टअप्स में से आठ स्टार्टअप्स अपनी लॉन्च डेट के 18 महीनों में ही विफल हो जाते हैं।

80 प्रतिशत का यह फेलियर रेट स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए एक खतरा है। इन आंकड़ों को जानकर नए एंटरप्रेन्योर्स हतोत्साहित हो सकते हैं। हालांकि, अगर आप भी अपना स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं तो आपको जरूरत है तो यह समझने की कि स्टार्टअप को सफल बनाने के लिए आपको एक अच्छी शुरुआत के साथ-साथ सही तरह से आगे बढऩे का तरीका पता होना चाहिए। जानिए, उन कारणों को जिनकी वजह से अधिकतर स्टार्टअप विफल हो जाते हैं -

फाइनेंस की कमी
यह सही है कि हर कोई अरबों-खरबों का बिजनेस खड़ा नहीं कर सकता लेकिन स्टार्टअप का शुरुआती कुछ ही साल में विफल हो जाना भी सही नहीं है। एक शोध के मुताबिक 90 प्रतिशत वेब स्टार्टअप सिर्फ इसलिए विफल हो जाते हैं क्योंकि वह निवेशकों को आकर्षित नहीं कर पाते। आपको चाहिए कि एक स्टार्टअप के तौर पर आप दूसरे छोटे प्रोजे€क्ट्स के साथ ही अपने इनिशियल प्रोजे€क्ट को भी आगे बढ़ाते रहें। आपकी यही कैलकुलेटिव अप्रोच आपकी कंपनी को फाइनेंस दिलवाएगी और मार्केट में आपकी कंपनी के टिके रहने के अवसर बढ़ा देगी। अंत में सारा खेल आंकड़ों का ही होता है। अगर आप ज्यादा प्रॉफिट्स नहीं बना पा रहे हैं तो आपको और बिजनेस को विफल होने का खतरा हो सकता है।

जल्दी हार मान जाना
आजकल के युवा एंटप्रेन्योर्स स्टार्टअप शुरू तो कर देते हैं लेकिन अधिकतर एंटरप्रेन्योर्स में धैर्य की कमी होती है। साथ ही वह मार्केट में अपनी विश्वसनीयता जमाने की फिक्र भी नहीं करते। उन्हें बस स्टार्टअप शुरू करने की जल्दी होती है। ऐसे में जब उनके बिजनेस को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, तब वह जल्दी हार मान लेते हैं और उसे बंद कर देते हैं। आपको धैर्य के साथ-साथ ह्मित भी चाहिए।

प्रोड€क्ट रिसर्च न करना
आपको एक एंटरप्रेन्योर होने के नाते अपने प्रोडक्ट के मजबूत पक्ष, उसकी कमजोरियों, अवसरों और खतरों के बारे में भली-भांति पता होना चाहिए। अधिकतर एंटरप्रेन्योर्स को इस बारे में पता ही नहीं होता और इसी वजह से वह अपनी सेल्स को बढ़ा नहीं पाते। हमेशा याद रखें कि चूंकि आपने एक प्रोडक्ट बनाया है तो इसका मतलब यह नहीं है कि तुरंत उसकी डिमांड मार्केट में हो जाएगी। आपको अपने प्रोडक्ट को मार्केट में कस्टमर्स के बीच पहचान दिलवानी होगी और साथ ही अपने प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला भी करना होगा। आपको अपने प्रोडक्ट के बारे में बेहतरीन तरीके से रिसर्च करनी होगी।

कस्टमर्स से संवाद कम
हमेशा याद रखें कि अपना प्रोड€क्ट बेचना आसान है लेकिन कस्टमर्स को अपने पास बनाए रखना मुश्किल है। यह एक कला है। अगर आप अपने बिजनेस को सफलता दिलाना चाहते हैं तो आपको इस कला में माहिर होना होता है। आप अपने कस्टमर्स के साथ निरंतर संवाद करके इस कला के मास्टर बन सकते हैं। जब आप अपने कस्टमर्स के साथ बातचीत करते रहेंगे तो वह भी खुश रहेंगे और आप भी जरूरी बदलाव करते रहेंगे।

ग्रोथ स्केल न होना
बिजनेस को शुरू करना दरअसल ज्यादा मुश्किल नहीं है। हालांकि, यह कहा जाता है कि समय और खर्चे की वजह से ऐसा करना मुश्किल होता है लेकिन यह आसान ही है। अधिकतर एंटरप्रेन्योर्स छोटे रूप में ही अपना बिजनेस शुरू करते हैं लेकिन वह एक बड़े पॉइंट पर ध्यान देना भूल जाते हैं और वह है कि उनके बिजनेस की पोटेंशियल रीच क्या है और उनका स्टार्टअप कितना आगे जा सकता है। अधिकतर एंटप्रेन्योर्स को इस बात का पता ही नहीं होता कि उन्हें अपने स्टार्टअप को कैसे स्केल करना है और कहां तक ले जाना है। उनकी इसी गलती या अनदेखी की वजह से उनका स्टार्टअप बहुत ज्यादा समय तक मार्केट में नहीं टिक पाता। अत: आपको बिजनेस का ग्रोथ स्केल पता होना चाहिए।

अहम काम आउटसोर्स करना
अधिकतर एंटरप्रेन्योर्स बिजनेस की शुरुआत में कुछ कामों को आउटसोर्स करते हैं €योंकि उनके पास संसाधनों की कमी होती है। हालांकि, यह सही तरीका है लेकिन अपने अहम कामों या प्रोजे€क्ट्स को आउटसोर्स करके आप अपनी विफलता की ओर बढऩे लगते हैं। आपको चाहिए कि अपनी कंपनी को मिले महत्वपूर्ण प्रोजे€क्ट्स पर आप खुद ही काम करें और उन्हें आउटसोर्स करने से बचें। आउटसोर्सिंग की वजह से आपके आइडियाज शेयर हो सकते हैं और कोई दूसरा आपके सपनों को अपने लिए हकीकत बना सकता है। अत: विफलता से बचने के लिए आपको अपने अहम कामों और प्रोजे€ट्स को खुद ही पूरा करना चाहिए और उन्हें आउटसोर्स नहीं करना चाहिए।

सही मार्केटिंग न करना आप शुरुआती दौर में अगर इस तथ्य को स्वीकार कर लेंगे कि मार्केट में मौजूद आपके प्रतिस्पर्धी आपसे बेहतर हैं तो आपके लिए अच्छा ही रहेगा। इससे आपको उनसे बेहतर करने की प्रेरणा मिलेगी और आप अपने प्रोड€क्ट्स या सर्विसेज को अच्छी तरह से मार्केट कर सकेंगे। इस तरह से आप अपने प्रतिस्पर्धियों को पीछे छोड़ सकेंगे। वहीं, अगर आप शुरुआत से ही खुद को सबसे बेहतर मानकर चलेंगे तो आपको आगे चलकर मार्केट में मात खानी पड़ सकती है। आपको अपने प्रोड€क्ट की सही मार्केटिंग करनी आनी चाहिए तभी सफलता हासिल कर सकेंगे।

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