वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी में बनाएं कॅरियर, रोमांच के साथ पैसा भी खूब मिलेगा

वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी उन युवाओं के लिए एक बेहतरीन कॅरियर विकल्प हो सकता है जो जंगल, वन्य जीवों और प्रकृति के बीच रहना पसंद करते हैं।

आज की युवा पीढ़ी परंपरागत कॅरियर विकल्पों के अलावा अपनी जॉब में रोमांच और नवीनता भी चाहती है। इसलिए अब युवा ऐसे कॅरियर भी चुन रहे हैं जो पहले बहुत ज्यादा लोकप्रिय नहीं थे। ऐसा ही एक चुनौतीपूर्ण प्रोफेशन है वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी। अगर आप भी वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी में सुनहरा कॅरियर बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले इस काम की बारीकियों, नौकरी की संभावनाओं, कोर्स, स्कोप, फीस और जॉब के अवसर कहां हैं इसके बारे में जानना होगा।

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वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी उन युवाओं के लिए एक बेहतरीन कॅरियर विकल्प हो सकता है जो जंगल, वन्य जीवों और प्रकृति के बीच रहना पसंद करते हैं। चूंकि वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर को अधिकतर समय जंगल और वन्य जीवों के बीच बिताना पड़ता है इसलिए यह रोमांच और जोखिम भरा कॅरियर है। लेकिन अगर आपको भी सामान्य ९ से ५ की जॉब की जगह ऐसे रोमांच पसंद आते हैं तो यह आपके लिए एक बेहतरीन प्रोफेशन साबित हो सकता है।

शैक्षणिक योग्यता
इस पेशे में उतरने के लिए फोटोग्राफी (वाइल्ड लाइफ में विशेषज्ञता के साथ) में सर्टिफिकेट या डिप्लोमा कोर्स कर सकते हैं। ऐसे कोर्स में उम्र की कोई सीमा नहीं है इसे शौकिया भी शुरू किया जा सकता है। पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए किसी भी मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड से किसी भी स्ट्रीम में १२वीं पास होना न्यूनतम योग्यता है। कोर्स करने के बाद वरिष्ठ वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर के लिए असिस्टेंट के तौर पर अपने काम की शुरुआत कर सकते हैं। इस कोर्स पर 40 हजार से लेकर एक लाख तक का खर्च आता है।

जॉब के अवसर यहां
आज से दो दशक पहले तक वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफी बहुत ज्यादा लोकप्रिय कॅरियर विकल्प नहीं था लेकिन केबल टीवी ने दर्जनों चैनलों के जरिए इस रोमांचक और सुनहरे कॅरियर से लोगों को रुबरु करवाया है। इस पेशे में अवसरों की कमी नहीं है। एक सर्टिफाइड फोटोग्राफर विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं, समाचार एजेंसी, वाइल्डलाइफ एनजीओ, पर्यावरण संरक्षण के लिए काम कर रहे संगठनों और फ्री-लांस फोटोग्राफर के रूप में काम कर सकता है। इसके अलावा, पब्लिशिंग कंपनी, विज्ञापन और सरकारी एजेंसी में भी रोजगार के अवसर हैं। काबिल फोटोग्राफर्स को विदेशी वन्यजजीव एवं नेचर मैगजीन में हुनर दिखाने का अवसर मिल सकता है। डिस्कवरी, एनिमल प्लेनेट, नेशनल ज्योग्राफिक और हिस्ट्री चैनल जैसे शुद्ध वाइल्ड लाइफ कंटेंट तैयार करने वाले संस्थानों में भी विशेषज्ञ फोटोग्राफर्स की मांग रहती है।

बारीकी को समझना जरूरी
रोमांचक कॅरियर होने के साथ ही यह बहुत ही तकनीकी और रचनात्मक पेशा भी है। कैमरे की अच्छी समझ के अलावा, कैमरे के एंगल, शॉट, लैंस के उपयोग, ‘रूल ऑफ थर्ड’, फोटो की पूरी कंपोजिशन और प्रकाश एवं बैकग्राउंड का बेहतर उपयोग करने जैसी आधारभूत जानकरी का होना अति आवश्यक है। इस पेशे की एक नैसर्गिक मांग है काम के प्रति जुनून। कई बार एक ही शॉट के लिए घंटों यहां तक की दिनों इंतजार करना पड़ सकता है। अगर वन्य जीवों और प्रकृति के अनदेखे सौंदर्य को अपने कैमरे में कैद करने का इतना धैर्य और जुनून आप में है तो यह कॅरियर आपके लिए ही है।

अधिक जोखिम, उतनी ज्यादा सैलरी
रोमांचक होने के साथ ही यह पेशा बहुत जोखिम भरा भी है। लेकिन यही इस पेशे में अच्छी सैलरी का आधार भी है। एक अच्छे वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर या एजेंसी के साथ काम करने पर शुरुआती सैलरी 25 से 30 हजार या इससे भी ज्यादा हो सकती है। अनुभव के आधार पर सालाना ८ से ९ लाख रुपए भी कमा सकते हैं।

ये कोर्स हैं उपलब्ध
-सर्टिफिकेट कोर्स इन फोटोग्राफी
-सर्टिफिकेट कोर्स इन प्रोफेशनल फोटोग्राफी
-सर्टिफिकेट कोर्स इन स्टिल फोटोग्राफी
-डिप्लोमा इन फोटोग्राफी
-डिप्लोमा इन फोटो जर्नलिज्म
-डिप्लोमा इन प्रोफेशनल फोटोग्राफी
-डिप्लोमा इन स्टिल फोटोग्राफी
-डिप्लोमा इन डिजिटल फोटोग्राफी
-डिप्लोमा इन वाइल्डलाइफ फोटोग्राफी
-बीएफए फोटोग्राफी
-बीएससी इन फिल्म फोटोग्राफी
-पीजी डिप्लोमा इन फोटोग्राफी
-पीजी डिप्लोमा इन फोटो जर्नलिज्म
-पीजी डिप्लोमा इन स्टिल फोटोग्राफी
-एमएफए फोटोग्राफी
-बैचलर इन मास कम्युनिकेशन
-मास्टर इन मास कम्युनिकेशन

ये संस्थान बेहतर
-फिल्म एंड टेजीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फोटोग्राफी, मुम्बई
-जवाहरलाल नेहरू आर्किटेक्चर एंड फाइन आट्र्स यूनिवर्सिटी, हैदराबाद
-जे. जे. स्कूल ऑफ आट्र्स, मुम्बई
-जामिया मिलिया इस्लामिया, दिल्ली
-सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुम्बई
-दिल्ली कॉलेज ऑफ फोटोग्राफी, दिल्ली
-उस्मानिया विश्वविद्यालय, हैदराबाद
-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल आट्र्स एंड एनिमेशन, कोलकाता
-नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन, अहमदाबाद
-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मॉस कम्यूनिकेशन (IIMC), दिल्ली

सुनील शर्मा
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