ELSA ऐप्स से सीखें इंग्लिश, कॅरियर में भी होगा फायदा

एल्सा जिसे इंग्लिश लैंग्वेज स्पीच अस्स्टिेंट भी कहते हैं इसके पॉपुलर होने के कई कारण है। इसमें प्रमुख है इसका प्राइमरी फंक्शन। दरअसल एल्सा किसी भी यूजर के इसमें लॉगइन करने के बाद सबसे पहले उसका असेसमेंट किया जाता है कि यूजर को उच्चारण में किस प्रकार की प्रॉब्लम है।

अमरीकन कंपनियों की वर्कफोर्स में इंडियन प्रोफेशनल्स की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषकर कोरोना संक्रमण के चलते अमरीकन कंपनियां ऐसे टेक्नोलॉजी बैकग्राउंड वाले प्रोफेशनल्स को अधिक एप्रोच कर रही हैं, जो कि वर्क फ्रॉम होम कल्चर के साथ सहज है। लैग्वेंज या फिर अमरीकन उच्चारण प्रोफेशनल्स के लिए एक बड़ा चैलेंज है। लैग्वेंज बैरियर केवल प्रोफेशनल्स के लिए ही परेशानी नहीं है अपितु उन स्टूडेंड के लिए भी चैलेंज है जो कि अमरीकन यूनिवर्सिटीज में ऑनलाइन कोर्सेज के लिए एप्लाई कर रहे हैं।

इंग्लिश बोलना या लिखना ऐसे लोगों के लिए परेशानी का कारण नहीं है लेकिन अमरीकन उच्चारण जरुर है। इसलिए प्रोफेशनल्स व स्टूडेंट लगातार इंटरनेट पर ऐसे प्रोग्राम या कोर्सेज की सर्च कर रहे हैं जो कि उन्हें कम समय में अमरीकन इंग्लिश के साथ सहज बना सके। ऐसी ही एक मोबाइल एप है एल्सा। जो कि बीते दो वर्ष में इंडिया जैसे देश में खासा पॉपुलर हुआ है। यह ना केवल अमरीकन इंग्लिश को सीखने का सही प्लेटफॉर्म है अपितु यूज करने में काफी आसान है।

वीकनैस की करती है पहचान
एल्सा जिसे इंग्लिश लैंग्वेज स्पीच अस्स्टिेंट भी कहते हैं इसके पॉपुलर होने के कई कारण है। इसमें प्रमुख है इसका प्राइमरी फंक्शन। दरअसल एल्सा किसी भी यूजर के इसमें लॉगइन करने के बाद सबसे पहले उसका असेसमेंट किया जाता है कि यूजर को उच्चारण में किस प्रकार की प्रॉब्लम है। यह एक आर्टिफिशियल इंटेजीजेंस टेक्नोलॉजी और स्पीच पहचान पर काम करती है। इस एप को अन्य एप की तुलना में जो बात अलग करती है वह है कि इस प्लेटफॉर्म को विशेष रुप से उच्चारण सही करने के लिए ही डिजाइन किया गया है। यहां ग्रामर करेक्शन या कनवर्सेशन जैसे आप्शन का कम फोकस किया गया है।

ऐसे काम करती है एल्सा
सैन फ्रांसिस्को बेस्ड इस स्टार्टअप की शुरुआत वर्ष 2015 में स्टैंडफोर्ड ग्रेज्यूएट वू वैन ने की थी। वियतनाम की रहने वाली वू वैन जब हायर स्टडीज के लिए अमेरिका पहुंची तब उन्हे शुरुआत के एक वर्ष तक अमरीकन इंग्लिशन को लेकर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था। इसी के चलते उन्होंने एल्सा प्लेटफॉर्म को स्टार्ट किया। जो कि बीते कुछ समय में काफी पॉपुलर हो गया है। एल्सा प्लेटफॉर्म विशेष रूप से यूजर की वॉयस के अनुसार काम करता है। यहां उपलब्ध सैशन अधिकतम दो मिनट लंबे होते है। जिसमें शब्दों के उच्चारण के साथ वाक्य व अन्य को भी सम्मिलित किया जाता है।

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सुनील शर्मा Desk
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