कभी कसाई का करते थे काम, ऐसे बनें खरबपति, जानें पूरी कहानी

कभी कसाई का करते थे काम, ऐसे बनें खरबपति, जानें पूरी कहानी

Sunil Sharma | Publish: Feb, 10 2019 07:00:42 PM (IST) मैनेजमेंट मंत्र

कामयाबी उन्हीं के कदम चूमती है, जो कर्मठ और परिश्रमी होते हैं। अमरीकन बिजनेसमैन, इन्वेस्टर और फिलैंथ्रपिस्ट केनेथ लांगोने ऐसी ही एक मिसाल हैं।

कामयाबी उन्हीं के कदम चूमती है, जो कर्मठ और परिश्रमी होते हैं। अमरीकन बिजनेसमैन, इन्वेस्टर और फिलैंथ्रपिस्ट केनेथ लांगोने ऐसी ही एक मिसाल हैं। केनेथ एक समय गरीब हुआ करते थे, लेकिन बाद में उनका नाम दुनिया के धनी लोगों में शुमार हुआ। वैसे भी धनी होना या फिर रिच फैमिली से ताल्लुक रखना ही आपको कामयाब इंसान नहीं बनाता है। कामयाब बनने के लिए आपको विभिन्न कसौटियों से गुजरना होता है और खुद को साबित करना होता है। केनेथ ने भी यही किया।

केनेथ का जन्म 1935 में इटैलियन अमरीकन वर्किंग-क्लास फैमिली में हुआ था। उनके पिता प्लम्बर थे, जो घर-घर जाकर लोगों के नल और पाइप की मरम्मत किया करते थे और माता स्कूल कैफेटेरिया वर्कर थीं। उन्होंने बकनेल यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन किया। कॉलेज की पढ़ाई के दौरान केनेथ ने कैडी, बूचर और खुदाई करने वाले का काम किया। 1960 के दशक के शुरू में न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी के बिजनेस स्कूल की नाइट क्लासेज अटेंड करने के दौरान उन्होंने एक स्मॉल वॉल स्ट्रीट ब्रोकरेज फर्म में जॉब की।

छह साल बाद वह पार्टनर बन गए और अंत में सिक्योरिटीज फर्म आर डब्ल्यू प्रेसप्रिच के अध्यक्ष बन गए। 1974 में उन्होंने अपनी इन्वेस्टमेंट फर्म इन्वेम्ड एसोसिएट्स लॉन्च की। वॉल स्ट्रीट फर्म ने मेडिकल-इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी इवाक के लिए जल्द ही पांच मिलियन डॉलर जुटाए। केनेथ ने बाद में कंपनी को संभाला और 1977 में स्टॉक लेनदेन में इसे एली लिली को बेच दिया। जिस साल केनेथ ने इन्वेम्ड एसोसिएट्स को लॉन्च किया, उसी साल उन्होंने 60 हजार डॉलर में न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में सीट खरीदी। बाद में उसे 1.5 मिलियन डॉलर में बेच दिया।

उन्होंने होम डिपो नामक स्टार्टअप को बढ़ाने के लिए वित्तीय सहायता दी। उस इन्वेस्टमेंट ने केनेथ को बिलेनियर बनाने में मदद की। केनेथ बहुत-से चैरिटेबल ट्रस्ट को भी सपोर्ट करते हैं। यही नहीं, उन्होंने बकनेल यूनिवर्सिटी और न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी को भी सपोर्ट किया है। एस्पायरिंग एंटरप्रेन्योर्स के लिए केनेथ का सिम्पल मैसेज है कि काम, काम और सिर्फ अपने काम पर फोकस करो, यही आपको सफलता दिलाएगा।

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