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सॉफ्ट स्किल मैनेजमेंट से मिलेगी सफलता

इमोशनल इंटेलीजेंस टर्म वर्ष 1990 में एक साइंटिफिक पेपर में प्रकाशित होने के बाद दुनिया में मशहूर हुई।

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Amanpreet Kaur

Sep 01, 2018

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इमोशनल इंटेलीजेंस टर्म वर्ष 1990 में एक साइंटिफिक पेपर में प्रकाशित होने के बाद दुनिया में मशहूर हुई। बाद में इस टर्म को साइकोलॉजिस्ट और न्यूयॉर्क टाइम्स के पूर्व रिपोर्टर डेनियल गोलमैन ने अपनी पुस्तक में इस्तेमाल किया। पूरी दुनिया मानती है कि सिर्फ आईक्यू होने से सफलता मिल जाएगी, यह तय नहीं है। सफलता के लिए ईक्यू होना भी जरूरी है। साइकोलॉजिस्ट्स कहते हैं कि यदि आप मोटिवेटेड और बहादुर हैं तो पता कर सकते हैं कि लोग आपको कैसे देखते हैं। इससे पॉजिटिव बदलाव कर सकते हैं।

कॅरियर मिरर खोजें

रियल एस्टेट वेबसाइट और एप जिललो के सीईओ स्पेन्सर रासकोफ कहते हैं कि जीवन में कोई न कोई कॅरियर मिरर जरूर होना चाहिए। मेरी पत्नी मेरे लिए यह काम करती है। वह मुझे और मेरे कॅरियर को मुझसे ज्यादा समझती है। अगर आप अपनी भावनाओं को सही तरह से समझ नहीं पाते हैं तो आपको अपनी नजदीकी दोस्त या परिजन की मदद लेनी चाहिए।

एक एरिया में सुधार करें

गोलमैन सुझाव देते हैं कि एक बार में इमोशनल इंटेलीजेंस के एक ही क्षेत्र में सुधार का प्रयास करना चाहिए। हो सकता है कि लोगों को बेहतर तरीके से समझने की कला विकसित करना चाहते हों या किसी के साथ बेहतर तरीके से संवाद स्थापित करना चाहते हों। खुद से सवाल करें कि कैसे मैं दुनिया के सामने बेहतर बनने के लिए जरूरी सुधार कर सकता हूं। माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नाडेला कहते हैं कि आज के दौर में ज्यादा ईक्यू वाले इंसान की जरूरत है।

पता करें कि परेशानी क्या है

हम में से ज्यादातर लोग ऑफिस में कलीग्स के व्यवहार से दुखी रहते हैं और उसका गुस्सा घर जाकर बच्चों पर निकाल देते हैं। कई बार भूखे होते हैं, थके होते हैं, खुश नहीं होते और गुस्सा निकालने लग जाते हैं। पता करें कि परेशानी क्या है। कई बार किसी परेशानी से आप अपने प्रियजन से दूर होने लगते हैं। आपको भावनात्मक रूप से मजबूत होना चाहिए।

किसी को बुरा न कहें

आधुनिक मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि अगर आप सॉफ्ट स्किल मैनेजमेंट में माहिर बनना चाहते हैं तो किसी को भी बुरा कहना बंद कर दें। आपको सबकी प्रशंसा करनी चाहिए। इससे आपको कई काम आसानी से हो सकते हैं। किसी को भी नेगेटिव कमेंट नहीं करना चाहिए। आपकी छवि सबको प्रेरित करने वाले इंसान की होनी चाहिए।

आलोचक की मदद लें

ऑर्गनाइजेशनल साइकोलॉजिस्ट और इनसाइट किताब की लेखिका ताशा यूरिच कहती हैं कि आपके पास ऐसे लोग होने चाहिए, जो आपके प्रति ईमानदार हों और दिल से चाहते हों। वह कहती हैं कि ज्यादातर लोगों में सेल्फ अवेयरनेस की कमी होती है। वर्कप्लेस पर लविंग क्रिटिक जरूर होना चाहिए जिस पर भरोसा कर सकें। वह आपके काम की अच्छाई और बुराई बता सकता है और परफॉर्मेंस के बारे में राय दे सकता है।

लोगों से सीधा सवाल करें

साइकोलॉजिस्ट सुसान करॉउस इमोशनल इंटेलीजेंस को अलग-अलग कंपोनेंट्स में तोड़ती हैं और उस हिस्से पर फोकस करने की बात करती हैं जो मुश्किल में डाल सकता है। वह कहती हैं कि अगर लोगों से अपने बारे में भावनाओं को जानना चाहते हैं तो इसका सीधा सा रास्ता है कि आप इस बारे में उनसे सवाल करें। उन्हें सही राय देने के लिए प्रेरित करें। इस तरह आपको पता लग जाएगा कि आप भावनात्मक रूप से सही हैं या नहीं।

अपनी भावनाओं को नाम दें

साइकोलॉजिस्ट ट्राविस ब्राडबेरी कहते हैं कि आपके पास अपनी भावनाओं को नाम देने के लिए शब्द होने चाहिए। वह कहते हैं कि लोग बस यह कहते हैं कि उन्हें अच्छा महसूस हो रहा है, बुरा लग रहा है। बेहतर इमोशनल इंटेलीजेंस वाले लोग बताते हैं कि उन्हें चिंता हो रही है, वे चिढ़ रहे हैं। आप जितने बेहतर शब्दों से अपनी भावनाओं को प्रकट करते हैं, उतना ही अच्छी तरह से सुधार कर सकते हैं।