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मन से निकाल दें ये डर, सफलता आपके कदम चूमेगी

जितना आप प्राप्त करते हैं, उसके साथ-साथ आप जो छोड़ते हैं, उस पर भी सफलता निर्भर है। क्या आप देर रात तक काम करना बंद कर सकते हैं?

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Amanpreet Kaur

Aug 12, 2018

Success

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जितना आप प्राप्त करते हैं, उसके साथ-साथ आप जो छोड़ते हैं, उस पर भी सफलता निर्भर है। क्या आप देर रात तक काम करना बंद कर सकते हैं? क्या आलोचना से दूर रह सकते हैं? क्या उस तरह से जीना शुरू कर सकते हैं, जैसा कि दूसरे लोग नहीं कर सकते। इस तरह आपका जीवन दूसरों से अलग बन सकता है। जीवन में सर्वाधिक सफलता प्राप्त करने वाले लोगों को पता होता है कि रोज हमें सीमित ऊर्जा मिलती है। इस ऊर्जा का सही इस्तेमाल करके भविष्य की मजबूत नींव रख सकते हैं। क्या आप भी दुनिया के सर्वश्रेष्ठ लोगों की तरह सुपर परफॉर्मर बनना चाहते हैं? क्या आप भी दुनिया के लिए एक मिसाल बनना चाहते हैं? तो फिर आपको कुछ चीजों को छोडऩा होगा। इसके बाद सफलता स्वत: ही आपके कदम चूमने पर मजबूर हो जाएगी।

अनिश्चितता का भय

जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं है। अगर आप अपने जीवन में नौकरी या बिजनेस से जुड़ा बड़ा निर्णय लेते हैं तो इसका अर्थ है कि आप पहचान गए हैं कि निश्चितता एक भ्रम है। अनिश्चितता के भय को मन से निकालना होगा, तभी जीवन के उच्चतम स्तर तक पहुंच सकते हैं।

भावनाओं की अनदेखी

आपके मन में भावनाएं एकाएक नहीं आती हैं। ये संदेशवाहक होती हैं। अगर आप अपने जीवन में कुछ पाना चाहते हैं तो आपको अपनी भावनाओं को गौर करना चाहिए और पता करना चाहिए कि वे आपसे क्या चाहती हैं। आपको अपनी भावनाओं को संभालना चाहिए।

समस्याओं का बचाव करना

अगर कोई व्यक्ति किसी समस्या को सुलझाने के लिए आपको सलाह देता है तो क्या आप उस सलाह पर विचार करते हैं या कहते हैं कि तुम मुझे नहीं समझ सकते। आपको अपनी समस्याओं का बचाव करने से बचना चाहिए और अपनी क्षमताओं को सही तरह से जानना-समझना चाहिए।

असुविधा से बचना

जिन बुरी आदतों की वजह से आप सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पा रहे हैं, वे इसलिए मौजूद हैं क्योंकि आप असुविधा से बचना चाहते हैं। ज्यादातर लोग आरामदायक जीवन जीना पसंद करते हैं और बाद में परिणामों को लेकर परेशान रहते हैं। असुविधा से बचना छोड़ दीजिए।

आपके बहाने

आप अपने जीवन में या तो बहाने बनाते हैं या जो सामने है, उसे ईमानदारी से स्वीकार करके जीवन में बदलाव करते हैं। बहानों के कारण आप कुछ देर के लिए तो खुश हो सकते हैं, पर स्थायी खुशी सफलता से ही मिलेगी। इसलिए बहाने छोडक़र मेहनत शुरू करें।

बाधाओं को न पहचानना

जो भी चीज जीवन में आगे बढऩे से रोक रही है, वह सफलता में बाधक है। फिर चाहे आपका वर्क प्रेशर हो, घरेलू समस्या हो, सामाजिक जिम्मेदारियां हों... आपको अपनी बाधाओं को पहचानना चाहिए और उन्हें समाप्त करने की दिशा में काम करना चाहिए। बाधाओं से घबराना नहीं चाहिए।

पीडि़त की मानसिकता

जीवन को यह परिभाषित करता है कि आप अलग-अलग परिस्थितियों पर किस तरह से प्रतिक्रिया देते हैं। अगर आप अपनी मुश्किलों का रोना रोते रहेंगे तो भविष्य में भी इनसे मुक्ति नहीं पा सकेंगे। पीडि़त की मानसिकता से दूर रहें और अपनी जिंदगी को बदलने की ठानें।

पसंद किए जाने की चाह

दुनिया में ऐसा कोई भी व्यक्ति नहीं है, जिसे सब पसंद करते हों। हो सकता है कि आपको कोई पसंद करता हो, कोई आपसे नफरत करता हो। आप सबको खुश नहीं कर सकते। इसलिए आपको जो पसंद है, वह काम कीजिए। दूसरे लोग क्या सोचेंगे, इसकी परवाह न करें।

खुद सारे काम करना

अगर आप जीवन में हर काम, हर जिम्मेदारी खुद उठाएंगे तो परेशान हो जाएंगे। दुनिया के सबसे ज्यादा सफल लोग काम को बांटना जानते हैं। वे सही लोगों को हायर करते हैं। जिन कामों में वे एक्सपर्ट नहीं होते हैं, उन्हें पूरा करने के लिए उनके पास मजबूत टीम होती है। अगर आप सारे काम खुद करने लगेंगे तो आपकी एनर्जी खराब होगी और आपकी ताकत कम होती जाएगी।

प्रतिरोध महसूस करना

जब भी आप कम्फर्ट जोन से बाहर आने की कोशिश करते हैं तो प्रतिरोध महसूस होता है। अगर मन ही मन हद से ज्यादा प्रतिरोध महसूस कर रहे हैं तो खुद को समझने की कोशिश करनी चाहिए। कई बार कुछ चीजों के कारण आपको संकोच होता है और आप कदम उठाने से कतराते हैं। संकल्प लेना सीखें और उन्हें निभाएं।

फेल होने का डर

फेल होने के डर से आपके बढ़ते हुए कदम रुक जाते हैं और आप बदलाव नहीं कर पाते हैं। विफलता का सामना करें। फेलियर कभी फाइनल नहीं होता है। यह हमेशा सीखने का एक अवसर होता है। जीवन में हर काम करने के बाद ही पता लगता है कि आपके लिए क्या सही है और क्या गलत। फेलियर से मजबूत बनते हैं। विफलताओं का सम्मान करना सीखें।

क्विक फिक्स और शॉर्टकट्स

अगर आप कुछ बड़ा करना चाहते हैं तो याद रखें कि यह रातोंरात संभव नहीं होगा। शॉर्टकट्स के चक्कर में न पड़ें। इससे आपको कभी अच्छे परिणाम नहीं मिलेंगे। असल बदलाव धीरे-धीरे होते हैं। एक बार में एक आदत पर काम करें। किसी चीज में 100 फीसदी बदलाव करने के बजाय इस पर फोकस करें कि किस तरह से आप रोज 1 प्रतिशत बेहतर कर सकते हैं। समय के साथ आपके प्रयास जुड़े जाएंगे।