मंदसौर

Bhanpur Peeth: देश के चार पीठ में से अहम है मंदसौर का भानपुरा पीठ

देश के चार पीठ में से अहम भानपुरा पीठ: भानपुरा पीठ ने दिया विश्व को भारतीय संस्कृति का संदेश, आज भी चली आ रही परंपरा

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Apr 25, 2023

भानपुरा। भारत देश सनातन संस्कृति का विश्व में प्राचीनतम सभ्यता संस्कृति का देश है। देश के चारों कोनो पर चार प्रमुख आध्यात्मिक एकात्म को चरितार्थ करने वाली पीठ की स्थापना कोई ढाई हजार वर्ष पूर्व आद्य शंकर के द्वारा की गई थी। जो आज तक भारत ही नहीं विश्व को अद्वैत व एकात्म का संदेश दे रही हैं। आद्य जगतगुरू की परंपरा में ही भानपुरा में आज से कोई तीन सौ वर्ष पूर्व से ज्योति मठ बद्रिकाश्रम की पीठ से वासुदेवानंद गिरि के शिष्य जो इस क्षेत्र में चातुर्मास पूर्ण कर द्वारका जाते रहे थे। यहं परंपरा लंबे समय जारी थी। विश्व को संस्कृति का दर्शन कराने वाली संस्कृति का यह पीठ भानपुरा में स्थिति है ओर यह परंपरा आज भी चली आ रही है।

भानपुरा पीठ का यह है इतिहास

जानकारी के अनुसार 1914 में प्रथम विश्व युद्ध के समय उत्तराखंड में जाना दूभर था। स्वामी विश्वेश्वरानंद ने भानपुरा में रहते ब्रह्मलीन हुए तबसे भानपुरा से ही बद्री आश्रम का संचालन भी हुआ। बाद में स्वामी सदानंद जी गिरि, स्वामी सत्यमित्रानंदजी गिरि, स्वामी रामाश्रय व 6 फरवरी 1989 को प्रयागराज में स्वामी दिव्यानंद तीर्थ को सर्व संत समाज तथा बड़े बड़े महा मंडलेश्वर संतों ने भानपुरा पीठ के शंकराचार्य पद पर अभिशिक्त किया। निरंतर तीस वर्षों तथा स्वामी ने अपना श्रेष्ठ तम विश्व को दिया। जापान के विश्व धर्म सम्मेलन में अध्यक्षता करते हुए एकात्म का संदेश दिया। सचमुच स्वामी दिव्यानंद तीर्थ ने विवेकानंद के बाद प्रथम विश्व प्रवक्ता के रूप में भारत की आध्यात्मिक विरासत से विश्व की परिचित कराया। 5 मई को तीन वर्ष पूर्व जगतगुरू दिव्यानंद के बाद भारत के अध्यात्म जगत में सूर्य की तरह स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ का भारत के महान आचार्यों महा मंडलेश्वर आचार्यों के द्वारा जगतगुरू शंकराचार्य पीठाधीश्वर भानपुरा के पद पर अभिषेक किया गया। वैदिक मंत्र घोष के साथ नवीन चुनौती पूर्ण समय में स्वामी ने धर्मसभा को संबोधित किया था।

देश के चार प्रमुख तीर्थ में भानपुरा पीठ उत्थान के लिए समर्पित

स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ अप्रतिम मेद्या के स्वामी, वेद वेदांत के प्रखर उदगाता उपनिषद के व्याख्याता होकर विश्व को सनातन का संदेश प्रदान कर मानव मात्र के कल्याण के लिए समर्पित हैं। भारत के चार प्रमुख पीठ के बीच यह भानपुरा पीठ निरंतर राष्ट्र के सांस्कृतिक उत्थान के लिए समर्पित है। प्रसिद्ध इतिहास विद डॉ पीके भट्ट ने बताया कि वर्तमान समय में भारत की सांस्कृतिक एकता को जब ज्यादा मजबूत करने की जरूरत है। स्वामी ज्ञानानंद तीर्थ ने विश्व भर में अद्वैत का प्रसार करते हुए भानपुरा पीठ का यश विश्व में प्रसारित किया। हम आज आद्य जगतगुरू शंकराचार्य के प्राकट्य महोत्सव मना रहे है।

Updated on:
25 Apr 2023 06:43 pm
Published on:
25 Apr 2023 06:29 pm
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