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कवि कालिदास को प्रिय था ये नगर, मेघदूतं में भी है उल्लेख

कहा जाता है कि ये स्थान कवि कालिदास का इतना प्रिय रहा है कि उन्होंने अपनी रचना में इसका उल्लेख किया है।

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Abha Sen

Aug 28, 2015

kalidas

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मंदसौर। कवि कालिदास का नाम आते ही दशपुर का जिक्र होता है। कहा जाता है कि ये स्थान कवि कालिदास का इतना प्रिय रहा है कि उन्होंने अपनी रचना में इसका उल्लेख किया है। कालिदास से संबंधित इस शहर की स्मृतियां लोगों के लिए गौरवांवित करने वाली हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार कवि कालिदास ने अपनी काव्य रचना मेघदूतं में दशपुर का उल्लेख किया है। दशपुर का सौंदर्य, प्राकृतिक रचना सहित प्राचीन काल में मौजूद खूबियां भी बताईं गई हैं। प्राचीन शहर होने की वजह से ये इतिहासकारों के लिए शोध का विषय भी रहा है। प्रारंभ में इसका नाम दशार्ण था।

मंदसौर प्रशस्ति भी मौजूद

मंदसौर प्रशस्ति में भी दशपुर और कालिदास का संबंध होने का उल्लेख मिलता है। इतिहासकारों के अनुसार उन्होंने अपनी कविताओं में यहां के स्थानों का उल्लेख भी बड़े ही सुंदर ढंग से किया है। कई स्थानों पर मेघ को दूत बताया गया है जो प्रेयसी के लिए संदेश ले जाने का काम करता है। हालांकि अपने काल के विराट कवि माने जाने वाले कालिदास को लेकर कई तरह की किवदंतियां और जनश्रुति भी प्रचलित हैं।

मध्यप्रदेश शासन कर रही कार्यक्रम

इसकी खूबियों को देखते हुए मध्यप्रदेश शासन ने यहां कवि कालिदास की स्मृति में एक कार्यक्रम प्रतिवर्ष आयोजित करने का निर्णय लिया है। जिसे बीते दो साल से सादगी पूर्ण माहौल में मनाया जाता है। बताया जाता है कि धीरे-धीरे कार्यक्रम की ख्याति उज्जैन में होने वाले कालिदास समारोह की तरह ही बढऩे लगी है। दिग्गज कवि व साहित्यकार भी इसमें रुचि दिखा रहे हैं।

इनका कहना है

कालिदास का संबंध दशपुर से होने का उल्लेख मिलता है। ऐतिहासिक नगरी होने की वजह से ये काफी प्रचलित है। यहां के स्थानों का उन्होंने अपनी रचना में उल्लेख किया है।
-आनंद सिंह राणा, इतिहासकार

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