मोदी काल में बजट से पहले कितना महंगा हुआ पेट्रोल और डीजल, जानिए कब कितनी बढ़ी कीमत

  • 2021 में बजट से पहले वाले महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमत में 2.50 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा हुआ महंगा
  • 2018 में बजट से पहले वाले महीने में 4 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा महंगा हुआ था डीजल, पेट्रोल पर बढ़े थे 3 रुपए

By: Saurabh Sharma

Updated: 31 Jan 2021, 09:39 AM IST

नई दिल्ली। भले ही लगातार चार दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमत में कोई बदलाव देखने को नहीं मिल रहा हो, लेकिन बजट वाले दिन से एक महीना पहले पेट्रोल और डीजल की कीमत में 2.50 रुपए प्रति लीटर से ज्यादा महंगाई बढ़ चुकी है। 2017 के मध्य से मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत में रोजाना बदलाव का प्रावधान किया था। तब से लेकर अब 2021 में सरकार पांचवां बजट पेश करेगी ( 2019 में सरकार का अंतरिम बजट भी शामिल ) जिस दौरान सिर्फ एक बार ही ऐसा मौका देखने को मिला है, जब बजट से पहले वाले महीने में पेट्रोल और डीजल के दाम कम हुए थे। वो महीना था जून 2019 का। तब देश में लोकसभा चुनाव का माहौल था। ऑयल कंपनियां पेट्रोल और डीजल की कीमत में कटौती कर रही थी। आइए आपको भी बताते हैं कि जब से पेट्रोल और डीजल की कीमत में रोजाना बदलाव हुए हैं, उसके बाद से कौन साल के बजट से पहले पेट्रोल और डीजल महंगा एवं सस्ता हुआ है।

फरवरी बजट से पहले महंगा होता है पेट्रोल और डीजल
खास बात तो यह है 2021 के बजट को मिलाकर पांच बजटों में से चार बजट एक फरवरी के दिन पेश किए गए। इन चारों बजटों से पहले वाले महीने में एक ही बात समान दिखाई दे रही है और वो है पेट्रोल और डीजल की कीमत में बढ़ोतरी। सिर्फ 2019 के जुलाई बजट से पहले पेट्रोल और डीजल सस्ता हुआ था। पेट्रोल में 0.72 रुपए प्रति लीटर की गिरावट और डीजल की कीमत में 1.23 रुपए प्रति लीटर तक की कटौती देखने को मिली थी। जबकि बाकी बजटों पहले वाले महीने में पेट्रोल और डीजल की कीमत में दो से चार रुपए प्रति लीटर तक का इजाफा देखने को मिला है।

किस साल कितने बढ़े दाम
पहले बात 2018 बजट से पहले वाले महीने की करें तो देश की राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत में 2.98 रुपए प्रति लीटर का इजाफा देखने को मिला, जबकि डीजल कीमत में 4.41 रुपए प्रति लीटर की बेतहाश तेजी तेजी देखने को मिली थी। जब से रोजाना बदलाव का नियम का शुरू हुआ है, बजट से पहले वाले महीने में यह सबसे बड़ी तेजी है। 2019 के अंतरिम बजट से पहले डीजल 2.72 रुपए और पेट्रोल 2.05 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हुआ। 2020 में डीजल 2.89 रुपए और 2.74 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ। वहीं मौजूदा साल के बजट से पहले वाले में पेट्रोल 2.59 रुपए और डीजल 2.61 रुपए प्रति लीटर तक महंगा हो चुका है।

जनवरी के बढ़ी महंगाई

बजट का साल डीजल की कीमत इजाफा ( रुपए प्रति लीटर में ) पेट्रोल की कीमत इजाफा ( रुपए प्रति लीटर )
2021 2.61 2.59
2020 2.89 2.74
जुलाई 2019 1.23 ( सस्ता हुआ ) 0.72 ( सस्ता हुआ )
2019 अंतरिम 2.72 2.05
2018 4.41 2.98

पेट्रोल की कीमत में स्थिरता
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में पेट्रोल की कीमत में लगातार चार दिनों से स्थिरता दिखाई दे रही है। उससे पहले पेट्रोल की कीमत में नियमित अंतराल में तेजी देखने को मिल रही थी। जिसकी वजह से पेट्रोल की कीमत देश के चारों महानगरों दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में क्रमश: 86.30 रुपए, 87.69 रुपए, 92.86 रुपए और 88.82 रुपए प्रति लीटर हो चुके हैं।

डीजल की कीमत में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल से मिली जानकारी के अनुसार देश के चारों महानगरों में डीजल की कीमत में लगातार चार दिनों से कोई बदलाव देखने को नहीं मिला है। आखिरी बाद इजाफा 27 जनवरी को देखने को मिला था। जिसके बाद देश ही राजधानी दिल्ली, कोलकाता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल की कीमत क्रमश: 76.48 रुपए, 80.08 रुपए, 83.30 रुपए और 81.71 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं।

क्या कहते हैं जानकार
इस बारे में जब केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जनवरी का महीना सरकार के लिए काफी अहम होता है। वित्त वर्ष की आखिरी तिमाही के पहले महीने से ही सरकार और ऑयल कंपनियां अपनी कमाई बढ़ाने में जुट जाती हैं। फ्यूल सरकार के लिए वैसे भी कमाई का बड़ा जरिया है। ऐसे में बीते कुछ सालों में बजट से पहले वाले महीने में पहले वाले महीने में पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा दिखाई दे रहा है। जोकि एक संयोग है, इसका बजट से कोई संबंध नहीं है।

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