
petrol
नई दिल्ली। पेट्रोल और डीजल की कीमत आसमान में पहुंच चुकी है। वैसे कुछ प्रदेशों ने अपने यहां टैक्स कम कर आम लोगों को राहत देने का प्रयास किया है, लेकिन आने वाले कुछ महीनों में लोगों को पेट्रोल और डीजल की कीमत में और ज्यादा महंगाई देखने को मिल सकती है। अगर केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमत को जीएसटी के दायरे में लाने का प्रयास नहीं किया तो जुलाई के महीने में पेट्रोल के दाम 110 रुपए से 115 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच सकते हैं। ऐसा इसलिए अमरीकी बैंक गोल्ड शैक्स ने थर्ड क्वार्टर में क्रूड ऑयल की कीमत के 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने के आसार बताए हैं।
गोल्डमैन का पूर्वानुमान
गोल्डमैन ने पूर्वामान है कि तीसरी तिमाही यानी इंटरनेशनल मार्केट के अनुसार जुलाई से सितंबर के बीच क्रूड ऑयल के दाम 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने का आसार है। रिपोर्ट के अनुसार गोल्डमैन का यह अनुमान पिछले अनुमान से 10 डॉलर प्रति बैरल ज्यादा है। रिपोर्ट के अनुसार इंवेंट्रीज में कटौती और लागत बढऩे के कारण क्रूड ऑयल की कीमत में इजाफा देखने को मिल सकता है। वहीं आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल की डिमांड में भी इजाफा देखने को मिल सकता है।
65 डॉलर पर क्रूड तो 100 रुपए पेट्रोल
कुछ दिन पहले क्रूड ऑयल के दाम 65 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था, जिसके के बाद पेट्रोल के दाम देश में 100 रुपए प्रति लीटर पर आ चुके हैं। अब जुलाई में क्रूड ऑयल 75 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंचने के आसार लगाए जा रहे हैं। ऐसे में जानकारों का कहना है कि अगर केंद्र सरकार ने एक्साइज ड्यूटी कम नहीं की तो पेट्रोल के दाम 110 रुपए से लेकर 115 रुपए प्रति पहुंच सकते हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया का कहना है कि 75 डॉलर प्रति बैरल पर क्रूड ऑयल पहुंचने के बाद पेट्रोल के दाम में जुलाई तक 10 रुपए से 15 रुपए प्रति लीटर तक का इजाफा देखने को मिल सकता है। यानी देश में पेट्रोल के दाम 110 रुपए प्रति लीटर से 115 रुपए प्रति लीटर तक पहुंच सकते हैं। अजय केडिया का कहना है कि मौजूदा समय में पेट्रोल और डीजल के दाम में इजाफा क्रूड ऑयल की कीमत से नहीं बल्कि केंद्र द्वारा लगाए गए टैक्स से हो रहा है।
Updated on:
22 Feb 2021 04:43 pm
Published on:
22 Feb 2021 03:53 pm

बड़ी खबरें
View AllShare Market News
कारोबार
ट्रेंडिंग
