30 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

2.1 करोड़ रुपए है इस किताब की कीमत, दुनियाभर में हैं सिर्फ 10 काॅपियां

नीलामी के दौरान इस किताब के लिए 2.1 करोड़ रुपए की बोली लगार्इ गर्इ थी। 17 दिसंबर को शुरू हुर्इ बोली में इस किताब को अंततः 2.11 करोड़ रुपए (3 लाख डाॅलर ) में खरीद लिया गया।

2 min read
Google source verification
World's Costliest Book

2.1 करोड़ रुपए है इस किताब की कीमत, दुनियाभर में हैं सिर्फ 10 काॅपियां

नर्इ दिल्ली। अगर आपसे पूछा जाए की दुनियाभर में सबसे महंगी किताब कौन सी है आैर उसकी कुल कीमत क्या है तो शायद इसके लिए आपको गूगल से जानकारी लेनी पड़े। लेकिन आप चिंता न करें, हम आपको इसके बारे में बता दे रहे हैं। मंगलवार को स्टाॅक एक्सचेंज पर लिखी गर्इ दुनिया की सबसे पहली किताब को अाॅनलाइन नीलामी के जरिए बेचा गया। इस किताब का नाम Confusion of Confusions है जिसे सन 1688 में लिखा गया है। नीलामी के दौरान इस किताब के लिए 2.1 करोड़ रुपए की बोली लगार्इ गर्इ थी। 17 दिसंबर को शुरू हुर्इ बोली में इस किताब को अंततः 2.11 करोड़ रुपए (3 लाख डाॅलर ) में खरीद लिया गया।


क्यों खास है यह किताब

इस किताब को लिखने वाले शख्स का नाम 'जोसेफ पेन्सो डी ला वेगा' है। वेगा एक सेफार्डिक ज्यू हैं जो स्पेन से निकलकर एमस्टडैम में रहते थे। उन्होंने यह किताब स्पैनिश भाषा में लिखी थी आैर इसमें स्टाॅक एक्सचेंज के मेकैनिज्म के बारे में बात की थी। कर्इ जानकारों का कहना है कि वेगा ने यह किताब डच स्टाॅक एक्सचेंज पर लिखी थी जिसे सेफार्डिक कम्युनिटी पर अधारित होने का दावा किया जाता है। इस किताब में सबसे पहले वेगा ने स्टाॅक एक्सचेंज को लेकर होने वाले कन्फ्युजन के बारे में लिखा है। इसमें स्टाॅक मार्केट में पैसे लगाने वालों के लिए कुछ चेतावनी भी दी गर्इ है। बताया जाता है कि उस दौर में उन्होंने यह किताब अपनी खुशी के लिए लिखा था।


दुनियाभर में है इस किताब के पहले एडिशन की सिर्फ 10 काॅपियां

एक जानकार कहना है कि वेगा खुद प्रोफेशनल ट्रेडर नहीं थे। हालांकि वो कभी-कभी स्टाॅक मार्केट में ट्रेडिंग करते थे। इस किताब में उन्होंने इस बारे में बात किया है कि कैसे इमानदारी से अपना पैसा लगाना चाहिए। साथ में उन्होंने कहा था कि स्टाॅक मार्केट में ट्रेडिंग को एक अच्छा करियर बनाया जा सकता है। इस किताब को दो लोगों के बीच होने वाली बातचीत के तौर पर लिखा गया है। 19वीं शताब्दी तक बहुत कम लोग ही इस किताब के बारे में जानते थे। बाद में इसे पहले जर्मन, फिर बाद में डच अर्थशास्त्रियों ने समझना शुरू किया। सबसे पहली बार इस किताब को 1959 में अंग्रेजी में अनुवाद किया गया। वर्तमान में इस किताब की एक हार्डकवर काॅपी की कीमत 2190 रुपए है। इस किताब के पहले एडिशन की केवल 10 काॅपियां ही हैं। इस किताब की सबसे अंतिम काॅपी करीब 30 साल पहले बिकी थी।

Story Loader