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सपा और प्रसपा नेताओं की गुंडागर्दी, पुलिस चौकी में घुसकर जमकर तोड़फोड़, बैरक में लगाई आग

मामले पर पुलिस के आलाधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।
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मऊ

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Akhilesh Kumar Tripathi

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Updated: 15 Nov 2018, 10:56 PM IST

Uproar in Police station

पुलिस चौकी में हंगामा

मऊ. समाजवादी पार्टी से अलग होकर शिवपाल यादव ने हाल ही में नई पार्टी का गठन किया है, मगर पार्टी के गठन होने के बाद ही नेताओं की गुंडागर्दी का मामला सामने आ गया। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के नेताओं और और सपा कार्यकर्ताओं की दंबगई की एक ऐसी घटना सामने आई है, जिसमें पुलिस के आलाधिकारी भी कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

मधुबन थाना क्षेत्र के दुबरी पुलिस चौकी अंतर्गत अवैध रूप से चल रहे जुआ अड्डे को बन्द कराना पुलिस चौकी पर तैनात दरोगा राजन मौर्य को उस समय महंगा पड़ गया जब जुआ खेल रहे सपा नेता व क्षेत्र पंचायत सदस्य के फरार हो जाने पर उसकी बाइक को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया, जिसको छुड़ाने के लिए सपा नेताओं ने चौकी इंचार्ज को बार बार फोन किया लेकिन बाइक नही छोड़ने पर सपा के जनपद स्तरीय नेतायों ने भी फोन किया। बाइक नही छोड़ने पर सपा के नेताओं ने पुलिस चौकी में घुसकर तोड़फोड़ करते हुए बैरक में आग लगाते हुए दरोगा राजन मौर्या की पिटाई करते हुए जान से मारने की धमकी भी दे दिया। हालांकि मामले की जानकारी होने पर पुलिस के आलाधिकारियों ने मामले को दबाने के प्रयास किया लेकिन दरोगा राजन मौर्या की तहरीर पर पुलिस ने पांच ज्ञात और पांच अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश देना शुरू कर दिया है ।

बता दे ये पूरा मामला सात नवम्बर दीपावली के दिन का है। जिले के मधुबन थाना अंतर्गत दुबरी पुलिस चौकी पर तैनात दारोगा राजन मौर्या को सात नवम्बर को दीपावली के दिन सूचना मिला की क्षेत्र में जोर शोर से जुआ चल रहा है । जुआ खेलने की जानकारी मिलते ही चौकी इंचार्ज रेड मारने के लिए तत्काल पहुचे तो जुआ खेल रहे सभी जुआरी फरार हो गए लेकिन इस धरपकड़ में पुलिस को एक बाइक मिल गयी, जिसके आधार पर पुलिस छानबीन में जुटी थी, तभी चौकी इंचार्ज को बाइक छोड़ने के लिए ओमप्रकाश गोंड उर्फ लीडर निवासी परसियाजयराम गिरी का फोन आया और धमकी देते हुए बाइक को छोड़ने के लिए फोन आया, जब चौकी इंचार्ज ने मना कर दिया जिसके बाद सपा के पूर्व प्रत्याशी राजेंद्र मिश्रा, समाजवादी सेकुलर मोर्चा के जिलाध्यक्ष विजयशकर यादव का भी फोन आया।

9 नवम्बर को सपा के नेता ओम प्रकाश गोड़ उर्फ लीडर, हरेंद्र यादव, अखिलेश सिंह उर्फ कल्लू,बबलू सिंह , दुर्गेश यादव, नेता व कार्यकर्ताओं ने पुलिस चौकी में घुसकर तोड़फोड़ किया पुलिस की रिहायशी बैरक में आग लगा दिया । हालांकि पुलिस व पुलिस के आलाधिकारी लगातार मामले को दबाने का प्रयास किया और मामले में कोई भी बयान देने से मना करते रहे लेकिन जब चौकी इंचार्ज राजन मौर्या को न्याय नहीं मिला तो मीडिया को आपबीती बता कर उच्याधिकरियो का ध्यान मामले को तरफ खींचा।

मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार सिंह ने कहा कि पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया है। चौकी इंचार्ज के मुताबिक जिन लोगों ने पुलिस चौकी में तोड़फोड़ आगजनी किया है वो लोग इलाके में खनन माफिया , अवैध शराब का कारोबार , जुआ अड्डे को चलवाने का काम करते है। बता दे कि स्थानीय थाना क्षेत्र के दुबारी पुलिस चौकी पर हुई घटना की गंभीरता को देख चौकी प्रभारी द्वारा पांच नामजद समेत पांच अज्ञात के खिलाफ अपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932 धारा सात समेत दर्जन भर संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की धर-पकड़ में जुट गई है।

BY- VIJAY MISHRA