
देश की राजधानी दिल्ली से करीब 70 किमी की दूरी पर मेरठ जिले में आज भी पुराने दकियानूसी विचारधारों में कोई बदलाव नहीं आया है। आज भी तमाम मुद्दों पर जाति पंचायत फैसला लेती है। एक नए मामले में एक युवक ने समान गोत्र की युवती से शादी कर ली। जब मामले का खुलासा हुआ तो पूरा समुदाय भड़क गया। पंचायत बुलाई गई। नाराज पंचायत ने साफ-साफ कह दिया कि समान गोत्र में हुई शादी को हम मान्यता नहीं देंगे। और कड़क फरमान जारी करते हुए कहाकि, वह पांच दिनों के अंदर लड़की को उसके घर छोड़ आए या फिर समाज से बहिष्कार का सामना करने को तैयार हो जाएं।
मेरठ में समान गोत्र में विवाह पर हंगामा
मामला मेरठ के सरधना तहसील के गोटका गांव की है। ठाकुर समुदाय से ताल्लुक रखने वाले तनु और शुभम ने 20 मई को मेरठ के एक मंदिर में शादी की थी। इसकी भनक दोनों में से किसी भी परिवार को नहीं थी। हालांकि 12 सितंबर को जब उनकी गुपचुप शादी की खबर सार्वजनिक हुई तो उन्होंने सरधना तहसील में अपनी शादी का रजिस्ट्रेशन करा दिया। बाद में जान का खतरा होने के डर से दोनों ने सुरक्षा के लिए एसएसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाया।
खतरा होने पर हम उन्हें सुरक्षा प्रदान करेंगे - एसएसपी मेरठ
एसएसपी मेरठ रोहित सिंह सजवान ने कहा, दंपति ने पांच दिन पहले मुझसे सुरक्षा की मांग की थी। खतरा होने पर हम उन्हें सुरक्षा प्रदान करेंगे। इस बीच तनु के पिता देवेंद्र सिंह ने दावा किया कि शुभम उसे जबरदस्ती ले गया। हमने पुलिस से संपर्क किया था, लेकिन बहुत कुछ हासिल नहीं हो सका।
संगीत सोम ने कहा, सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करें मामला
समान ग्रोत्र की लव मैरिज के राज का जब खुलासा हुआ तो पूरा ठाकुर समुदाय से गुस्से से भड़क उठा। पड़ोसियों ने समान गोत्र में शादी करने पर ऐतराज जताया। इसके बाद मामला जब अधिक बढ़ गया तो मेरठ में रविवार को पंचायत हुई। पंचायत में कई गांवों के ठाकुर समुदाय के लोगों ने हिस्सा लिया। इस पंचायत में पूर्व भाजपा विधायक संगीत सोम भी शामिल थे। जिन्होंने परिवारों से मामले को सौहार्दपूर्ण ढंग से हल करने और 10 सदस्यीय समिति बनाने के लिए कहा।
मेरठ पंचायत ने जारी किया फरमान
इसके बाद पंचायत ने युवक के परिवार को सख्त चेतावनी देते हुए कहाकि, सिर्फ पांच दिन हैं। युवती को पांच दिन के भीतर उसके घर पहुंचा दो। अगर ऐसा नहीं किया तो समाज से बहिष्कार के लिए तैयार रहो।
ऐसे रिश्ते हमें स्वीकार नहीं, यह शादी एक बुरी मिसाल करेगी कायम
पंचायत में से एक अशोक सिंह ने कहा, हम इस वैवाहिक बंधन को स्वीकार नहीं करते, क्योंकि यह सामाजिक ताने-बाने को तोड़ता है। यह हमारी परंपरा के खिलाफ है। गांव की बेटी को अपनी बहू नहीं बना सकते। गांव के सभी निवासियों का एक पूर्वज है, यानी वे सभी भाई-बहन हैं। यह शादी एक बुरी मिसाल कायम करेगी और दूसरों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगी। इसलिए, सामाजिक रूप से एक मजबूत संदेश की जरूरत है। हम कानूनी तौर पर ज्यादा कुछ नहीं कर सकते।
Published on:
4 Oct 2022, 3:28 PM IST
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