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लॉकडाउनः 1 अप्रैल से नहीं होंगे अमरनाथ यात्रा के रजिस्ट्रेशन, बोर्ड ने टाली प्रक्रिया

Amarnath Yatra पर भी पड़ी Coronavirus की मार बोर्ड यात्रा रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को टाला 1 अप्रैल से शुरू होने थे यात्रा के पंजीकरण
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Updated: 31 Mar 2020, 2:03 PM IST
amarnath yatra
अमरनाथ यात्रा के पंजीकरण की प्रक्रिया टली

नई दिल्ली। देशभर में कोरोना वयारस ( coronavirus in india ) का खतरा लगातार बढ़ रहा है। अब तक देश में कोरोना के वायरस से संक्रमित लोगों की संख्या 1150 का आंकड़ा पार कर चुकी है। यानी जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ रहे हैं कोरोना के मरीजों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। देश के दो राज्यों महाराष्ट्र और केरल में तो हालात और भी खराब हैं।

यहां कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। अब तक दोनों राज्यों में मरीजों की संख्या 200-200 के पार पहुंच चुकी है। बढ़ती मरीजों की संख्या पर नियंत्रण के लिहाज से ही देशभर में 21 दिन का लॉकडाउन ( Lock down ) किया गया है।

इस देशव्यापी लॉकाउन के बीच अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जानलेवा वायरस की मार अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ गई है।

इस लॉकडाउन के बीच एक अप्रैल से शुरू होने वाले अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन फिलहाल नहीं होंगे। बोर्ड ने इन पंजीकरणों को आगे बढ़ा दिया है।

कोरोना वायरस की के चलते देशभर में लॉकडाउन का मंगलवार को सातवां दिन हैं। इस बीच अमरनाथ यात्रा को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। अमरनाथ बोर्ड की ओर से 1 अप्रैल से यात्रा को लेकर किए जाने वाले रजिस्ट्रेशन को रोक दिया है। अब ये रजिस्ट्रेशन 15 अप्रैल के बाद हो सकेंगे।

हालांकि बोर्ड की ओर से ये कहा गया है कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद समीक्षा कर ही पंजीकरण पर अगला निर्णय लिया जाएगा। यानी अब 15 अप्रैल के बाद ही यात्रा के रजिस्ट्रेशन कब होंगे इसकी स्थिति साफ होगी।

पूर्व निर्धारित प्रोग्राम के मुताबिक इस वर्ष 23 जून से अमरनाथ यात्रा प्रारम्भ होनी है। लेकिन कोरोना वायरस के चलते ऐसा माना जा रहा है कि अब इन तिथियों में परिवर्तन हो सकता है या फिर इस वर्ष यात्रा को रोका भी जा सकता है।

अमरनाथ यात्रा के लिए अमूमन मार्च से यात्री पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारम्भ हो जाती थी, लेकिन इस वर्ष इसे एक अप्रैल से प्रारम्भ किया जाना थी।

इस दौरान लॉकडाउन के चलते लोगों की दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण वैसे स्थगित कर दिया गया है। पंजीकरण के लिए बैंक शाखाओं में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिसमें सामाजिक दूरी को भी ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

आपको बता दें कि पिछले वर्ष यानी 2019 में 3.42 लाख श्रद्धालुओं ने बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे।

पूर्व घोषणाओं के मुताबिक इस वर्ष 42 दिन की यात्रा हो रही है, जबकि पिछले वर्ष 2019 में 46 दिन व 2018 में 60 दिन की यात्रा हुई थी।

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