
नई दिल्ली। कोरोना वायरस ( coronavirus ) का खतरा देश में लगातार बढ़ता जा रहा है। अब तक कोरोनावायरस से संक्रमित मरीजों की संख्या 1100 से पार हो चुकी है। वहीं महाराष्ट्र ( Maharashtra )और केरल ( Kerala ) में हालात और भी चिंताजनक हैं। यहां संक्रमित लोगों की संख्या 200-200 के पार पहुंच चुकी है। यही वजह है कि लगातार केंद्र सरकार और राज्य सरकारें इससे निपटने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं।
कोरोना वायरस के मामलों से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार भी जुटी हुई है। कोविड-19 से लड़ने के लिए राज्य सरकार घर पर होम क्वरांइटान किए लोगों का फोन ट्रैक करेगी।
लॉकडाउन ( Lock Down ) के बीच बढ़ते कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए आंध्र प्रदेश सरकार ( AP Govt )ने बड़ा कदम उठाया है। आंध्र प्रदेश सरकार कोविड-19 से लड़ने के लिए होम क्वारंटाइन किए लोगों का फोन ट्रैक करेगी। ताकि वह इससे सुनिश्चित कर सके कि वह लोग किसी भी नियम का उल्लघंन तो नहीं कर रहे हैं।
इसके लिए राज्य सरकार एक ऐसे टूल का इस्तेमाल कर रही है जिससे इस कार्य को अंजाम दिया जाएगा। इसके लिए स्टेट डिजास्टर मैनजमेंट ऑथोरिटी और अन्य एजेंसियों से मदद ली जा रही है। इसके साथ ही कोरोना वायरस के संक्रमित मामलों की ट्रैवल हिस्ट्री भी ट्रैक की जाएगी।
इसके लिए सबसे पहले जो टूल इस्तेमाल किया गया है उसको कोविड अलर्टिंग ट्रैकिंग सिस्टम नाम दिया गया है, जिसे टेलिकॉम सर्विस और मोबाइल टॉवर सिग्नल्स की मदद से घर पर quarantine किए गए 25,000 लोगों को उनकी लोकेशन के जरिये ट्रैक किया जाएगा।
यह है अलर्टिंग ट्रैकिंग सिस्टम
कोविड अलर्टिंग ट्रैकिंग सिस्टम (Covid alerting tracking system) का इस्तेमाल लोगों पर निगरानी रखने के लिए किया जाता है जो होम क्वारंटाइन किये गये हैं।
इसके लिए क्वारंटाइन लोगों के फोन नंबर्स की लोकेशन का इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडर और मोबाइल टॉवर सिग्नल का सहारा लिया जाता है। जैसे ही नियमों का उल्लंघन होता है अधिकारियों के पास अलर्ट पहुंच जाता है और वे तुरंत संबंधित व्यक्ति तक पहुंच जाते हैं।