Cow Protection Bill लाने वाला 22 वां राज्य होगा Assam, पांच महीने पहले कर्नाटक लेकर आया था कानून

असम के राज्यपाल ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा तैयार अपने पारंपरिक भाषण में सदन को बताया कि मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरी सरकार की योजना अगले विधानसभा सत्र में गौ रक्षा विधेयक पेश करने की है।

गुवाहाटी। असम में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार राज्य के बाहर मवेशियों के परिवहन पर रोक लगाने के लिए अगले विधानसभा सत्र में गौ संरक्षण विधेयक पेश करने पर विचार कर रही है। राज्यपाल जगदीश मुखी ने शनिवार को नई राज्य विधानसभा के पहले सत्र के दूसरे दिन सत्र को संबोधित करते हुए यह जानकारी दी। अगर ऐसा होता है तो इस तरह का विधेयक लाने वाला देश के 22 वां राज्य होगा। पांच महीने पहले कर्नाटक ने गो संरक्षण को लेकर कानून बनाया था।

राज्यपाल ने दी जानकारी
राज्यपाल ने भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा तैयार अपने पारंपरिक भाषण में कहा कि लोग गायों को पवित्र जानवर मानते हुए उनका सम्मान और पूजा करते हैं। मुखी ने सदन को बताया, "मुझे आपको यह बताते हुए खुशी हो रही है कि मेरी सरकार की योजना अगले विधानसभा सत्र में गौ रक्षा विधेयक पेश करने की है। प्रस्तावित विधेयक में राज्य के बाहर मवेशियों के परिवहन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की परिकल्पना है।" उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गायों की रक्षा के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी और असम के बाहर मवेशियों को ले जाते हुए पाए जाने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी।

बांग्लादेश से होती है तस्करी
राज्यपाल ने कहा कि एक बार विधानसभा में गाय संरक्षण विधेयक पारित हो जाने के बाद, असम देश के ऐसे अन्य राज्यों में शामिल हो जाएगा, जिन्होंने इसी तरह का कानून पारित किया हुआ है। मुखी ने कहा, गाय लोगों का पालन-पोषण करती हैं और वह उन्हें जीवनदायी और पौष्टिक दूध प्रदान करती है। बता दें कि बांग्लादेश में गायों और अन्य मवेशियों की खूब तस्करी की जाती है, जिसे रोकने के लिए असम सरकार नया विधेयक लाने की तैयारी में है। असम से सटे अन्य राज्यों से भी बांग्लादेश में मवेशियों की तस्करी होती है, जिनकी सीमाएं पड़ोसी देश से लगती हैं।

Saurabh Sharma
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