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जीवन में अहंकार से मुक्ति के लिए बौद्ध भक्‍तों ने मनाया गोचक

गोचक व्‍यक्ति के मन से अहंकार को दूर करने और जीवन के ध्‍येय को समझने में मदद करता है।

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Dhirendra Kumar Mishra

Mar 01, 2018

bauddh gochak

नई दिल्‍ली. जम्‍मू और कश्‍मीर के लेह में बौद्ध भक्‍तों ने तांगपो (बौद्ध पवित्र माह) में गोचक का प्रदर्शन किया। गोचक बौद्ध पवित्र माह में मनाया जाता है। इस अवधि में भगवान बुद्ध के भक्‍त अपने जीवन से अहंकार को कम करने और विशेष ज्ञान की प्राप्ति के लिए कई तरह के सांसकृतिक व बौद्धिक कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। इसमें ध्‍यान, योग , चिंतन, एकांतवास आदि प्रमख है। लेह में इस माह का आयोजन पिछले नौ वर्षों से हो रहा है। इस साल भी बौद्ध माह के तहत भगवान बुद्ध के भक्‍तों ने गोचक का प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इस माह के अन्‍तर्गत बौद्ध भिक्षु धम्म, विपश्यना आदि का गहन अध्ययन करते हैं। श्रेष्ठ भिक्षु की आज्ञा से ही विशेष परिस्थितियों में बाहर जाते हैं। इस अवधि के दौरान लोगों को भगवान बुद्ध के उपदेशों और जीवन दर्शन के बारे में बताया जाता है। ताकि लोग भ्रम, आशंका, अहंकार, नकारात्‍मक विचार, भटकाव की स्थिति से खुद को देर कर सकें और जीवन के महान ध्‍येय की ओर अग्रसर हो सकें।

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