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भिखारन का अंतिम संस्‍कार करने के बाद से बीजेडी विधायक को सता रहा है ‘सामु‍दायिक बहिष्‍कार’ का डर

समाज के लोगों ने बहिष्‍कार की घोषणा कर दी तो उनका बना बनाया राजनीति करिअर चौपट हो जाएगा।
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ramesh patua

भिखारी महिला का अंतिम संस्‍कार करने पर बीजेडी विधायक को सता रहा है 'सामु‍दायिक बहिष्‍कार' का डर

नई दिल्‍ली। भले ही हम लोग मॉडर्निटी दंभ भरते हों लेकिन आज भी छुआछूत भारतीय समाज पर इस कदर हावी है कि ओडिशा में सत्‍ताधारी बीजेडी विधायक भी इसके शिकार होने से नहीं बच पाए। उनका गुनाह सिर्फ इतना है कि उन्‍होंने अपने से परे जाति की एक भिखारी महिला का निधन होने के बाद अंतिम संस्‍कार कराने की जुर्रत की। उसे कंधा देने का काम किया। अब उसी विधायक को सामाजिक बहिष्‍कार का डर सता रहा है। उन्‍हें इस बात का डर है कि अगर उनके समाज ने बहिष्‍कार की घोषणा कर दी तो उनका बना बनाया राजनीति करिअर चौपट हो जाएगा।

अजीबोगरीब परंपरा

दरअसल, ओडिशा में आज भी एक अजीबोगरीब परंपरा प्रचलित है। अगर आप दूसरे बिरादरी के किसी व्‍यक्ति के मरने पर अंतिम संस्‍कार में शमिल हुए या उसे कंधा देने का काम किया तो ऐसे व्‍यक्ति का अपने ही समुदाय के लोग बहिष्‍कार कर देते हैं। इस नियम का उल्‍लंघन शनिवार को सत्‍ताधारी बीजेडी विधायक रमेश पटुआ ने कर दिखाया। उन्‍होंने अपने क्षेत्र में एक भिखारी महिला का अंतिम संस्‍कार करने की जुर्रत की। भिखारी महिला अपने एक गरीब भाई के साथ रहती है। कल उसका निधन हो गया और उसका भाई गंभीर रूप से बीमार था।

ऐसे में किसी का अंतिम संस्‍कार के लिए आगे न आने पर स्‍थानीय विधायक रमेश पटुआ मानवीयता का परिचय देते हुए अपने भतीजे के साथ मिलकर महिला को कंधा देने का काम कर मानवता की मिसाल पेश करते हुए रीति रिवाज के अनुसार उसे दफनाने का काम किया। लेकिन ऐसा करना उन्हें अब महंगा पड़ सकता है। क्‍योंकि ओडिशा में लंबे अरसे से जारी परंपरा के अनुसार अब उनके ऊपर अपने ही समुदाय द्वारा बहिष्‍कार का खतरा मंडरा रहा है।

कौन हैं रमेश पटुआ

दरअसल रमेश पटुआ बीजेडी विधायक हैं जो ओडिशा में सत्‍ताधारी पार्टी है और जिसके मुखिया वहां के सीएम नवीन पटनायक हैं। ओडिशा के झारसुगुडा जिले के विधायक रमेश पटुआ ने मानवता की मिसाल पेश की है। पटुआ ने उस महिला के शव को कंधा दिया, जिसे कोई हाथ लगाने के लिए भी तैयार नहीं था। वह ओडिशा के सबसे गरीब विधायकों में से एक हैं। उनके पास अपना घर तक नहीं है। वह किराए के घर में रहते हैं।

घंटों तक बरामदे में पड़ा रहा महिला का शव

ओडिशा के संबलपुर जिले में लोइडा नाम की जगह है। यहीं पर विधायक रमेश पटुआ का घर है। इस जगह से दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित है अमनापाली गांव। इसी गांव में एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। महिला का शव गांव के ही एक व्‍यक्ति के घर के बरामदे में घंटों तक पड़ा रहा। पुलिस ने रेंगाली के विधायक रमेश पटुआ को इस बारे में जानकारी दी। उन्‍हें बताया गया कि महिला भिखारी और दूसर जाति की है। घंटों से उसका शव पड़ा है लेकिन कोई दफनाने के लिए तैयार नहीं है। सूचना पर वो अपने भतीजे के साथ अमनापाली गांव पहुंचे और उसे कंधा देकर अंतिम संस्‍कार कराया।

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