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Breakfast Diplomasy : राहुल गांधी ने विपक्षी नेताओं से की अपील, संसद में विपक्ष के रूप में सभी एकजुट रहें

इस बैठक में राहुल गांधी ने विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं के बात कर सभी मुद्दों पर एकजुट रहने का आग्रह किया।
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Updated: 3 Aug 2021, 11:19 AM IST
Rahul Gandhi
Rahul Gandhi

नई दिल्ली। राहुल गांधी की ओर से आज बुलाई गई ब्रेकफास्ट मीटिंग समाप्त होने के बाद सभी विपक्षी नेता साइकिलों से संसद भवन के लिए रवाना हो गए। मीटिंग में कांग्रेस के अलावा शिवसेना, आरजेडी, एनसीपी, सीपीआई सहित कई अन्य दल शामिल हुए। मीटिंग के दौरान राहुल ने सभी से एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि हम सब एक मजबूत विपक्ष के रूप में साथ रहेंगे तो भाजपा और आरएसएस हमारी आवाज को नहीं दबा सकेंगे।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी की विपक्षी दलों के नेताओं के साथ मीटिंग आरंभ हो गई है। लगभग सभी दल मीटिंग के लिए क्लब पहुंच गए थे हालांकि आम आदमी पार्टी ने बैठक ज्वॉइन नहीं की। मीटिंग में राहुल गांधी लोक सभा तथा राज्य सभा के विपक्षी नेताओं से विभिन्न मुद्दों पर बात करेंगे।

संसद में जारी गतिरोध के बीच कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने आज समान विचारधारा वाले राजनीतिक दलों के नेताओं को सुबह 9.45 बजे ब्रेकफास्ट पर बुलाया था। यह मीटिंग दिल्ली के कांस्टीट्यूशन क्लब (Constitutional Club) में आयोजित की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार लगभग 17 दलों के नेताओं को बुलाया गया है। इनमें शिवसेना, तृणमूल कांग्रेस (TMC), आम आदमी पार्टी (AAP), द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK), राष्ट्रीय जनता दल (RJD), समाजवादी पार्टी (SP) तथा शरद पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) प्रमुख हैं। इनके अतिरिक्त नेशनल कॉन्फ्रेंस, सीपीआईएम, सीपीआई, आरएसपी, वीसीके, केसीएम और आईयूएमएल को भी मीटिंग का न्यौता दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी इस तरह की मीटिंग समय-समय पर बुलाती रही हैं परन्तु कांग्रेस के इतिहास में यह पहली बार हो रहा है कि राहुल गांधी ने विभिन्न दलों के नेताओं को चर्चा के लिए भोज पर बुलाया है। वर्तमान मानसून सत्र में भी राहुल गांधी आक्रामक नजर आ रहे हैं।

माना जा रहा है कि इस बैठक में राहुल गांधी सभी नेताओं के बात कर सभी मुद्दों पर एक समान राय बनाने का प्रयास करेंगे। बता दें कि मौजूदा मानसून सत्र की शुरूआत से ही कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी दल पेगासस और अन्य मुद्दों को लेकर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध पैदा कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक मोदी सरकार पेगासस जासूसी मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार नहीं होती, तब तक संसद में गतिरोध समाप्त नहीं होगा।

विपक्ष मोदी सरकार पर आरोप लगा रहा है कि सरकार कृषि कानून, महंगाई और पेगासस जासूसी से जुड़े मामलों पर चर्चा से भाग रही है और अपनी मनमर्जी से बिल पास करना चाहती हैं। ऐसे में पूरा विपक्ष एकजुट होकर सरकार पर दबाव बनाने में लगा हुआ है।

Updated on:
3 Aug 2021, 11:19 AM IST
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