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केंद्र सरकार की रिपोर्ट में खुलासा, बीजेपी शासित राज्यों में बढ़ा अवैध खनन

खनन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2013-14 के दौरान मध्य प्रदेश में अवैध खनन के 6,725 मामले सामने आए हैं।

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नई दिल्ली। अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए केंद्र सरकार व राज्य सरकार हमेशा नए रुप-रेखा तैयार करती रहती है। जिससे कि राज्यों को रेत खनन से जुड़े विभिन्न मुद्दों से निपटने के लिए मदद मिल सके। लेकिन केंद्र की ही एक रिपोर्ट के मुताबिक, खुलासा हुआ है कि बीजेपी शासित तीन प्रमुख राज्यों में अवैध खनन की घटनाओं में लगभग सौ गुना इजाफा हुआ है। केन्द्रीय खनन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों में मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान में अवैध खनन की घटनाओं में क्रमश: 106, 53 और 34 फीसदी इजाफा दर्ज हुआ है।

अवैध खनन के लिए प्रमुख 10 राज्यों की सूची में मध्य प्रदेश सबसे ऊपर

खनन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 2013-14 के दौरान मध्य प्रदेश में अवैध खनन के 6,725 मामले सामने आए हैं। वहीं 2016-17 के दौरान कुल 13,880 मामले दर्ज किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार देश में अवैध खनन के लिए प्रमुख 10 राज्यों की सूची में सबसे ऊपर रहने वाले इन तीनों राज्य में अवैध खनन का यह आंकड़ा वित्त वर्ष 2013-14 से लेकर 2016-17 तक का है। दूसरे स्थान पर रहने वाले गुजरात में 2013-14 के दौरान 5,447 अवैध खनन के मामले सामने आए। वहीं 2016-17 में यह बढ़कर 8,325 तक पहुंच गया। तीसरे नंबर पर बीजेपी शासित राजस्थान है जहां 2013-14 में 2,953 मामलों से बढ़कर 2016-17 में अवैध खनन के 3,945 मामले हो गए हैं।

झारखंड में 23 फीसदी की गिरावट

हालांकि, ऐसा नहीं है कि सभी राज्यों में अवैध खनन की घटनाओं में इजाफा हुआ है। रिपोर्ट की माने तो कुछ राज्यों में सुधार भी हुआ है। अवैध खनन के मामले में सबसे प्रमुख राज्यों में शामिल झारखंड ने लगभग 23 फीसदी की गिरावट दर्ज की है। वहीं तमिलनाडु में बीते चार साल के दौरान अवैध खनन के मामले में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। जहां चार साल पहले तमिलनाडु में 1.078 अवैध खनन के मामले सामने आए हैं। वहीं 2016-17 के दौरान राज्य में सिर्फ 56 मामले सामने आए हैं।