
नई दिल्ली। लोकसभा में पास होने के बाद आज राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को पेश किया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने बिल को सदन के पटल पर रखा। बिल पर काफी चर्चा के बाद यह राज्यसभा में पास हो गया। बिल के पक्ष में 125 जबकि विपक्ष में 105 वोट पड़े। अब इस बिल को स्वीकृति के लिए बृहस्पतिवार को राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा।
बता दें कि विपक्ष इस बिल का लगातार विरोध करता रहा और फिर इसके संशोधन के लिए भी कई प्रस्ताव दिए। विपक्ष ने इस बिल को संविधान विरोधी बताया। वहीं, अंतिम वोटिंग से पहले इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने की सिफारिश की गई। इसके लिए की गई वोटिंग में 124 सांसदों ने विरोध में मतदान किया जबकि 99 ने पक्ष में वोट दिया और सेलेक्ट कमेटी में भेजने का प्रस्ताव गिर गया।
नागरिकता बिल पर अमित शाह का जवाब
नागरिकता बिल पर गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में जवाब दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज चर्चा के दौरान कुछ सदस्यों ने बिल को असंवैधानिक बताया। उन्होंने कहा कि अगर इस देश का बंटवारा नहीं होता तो ये बिल नहीं लाना पड़ता। शाह ने कहा कि बंटवारे के बाद पैदा हुए हालात की वजह से इस बिल को लाना पड़ा है।
क्या बोले गुलाम नबी आजाद
राज्यसभा में जारी नागिकता संशोधन बिल पर कांग्रेस नेता और सांसद गुलाम नबी आजाद ने भी अपनी बात रखी। आजाद ने कहा कि मैं गृह मंत्री से 5 से 6 बातों पर सफाई चाहता हूं। उन्होंने सवाल करते हुए पूछा कि भूटान को भारत से क्यों नहीं जोड़ा गया। उन्हें कहा कि जिन देशों का चयन उन्होंने किया है मेरे हिसाब से उसके पीछे सेलेक्टिव रीजन और सेलेक्टिव रिलिजन है।
आजाद ने कहा कि गृह मंत्री का कहना है कि पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश में हिन्दुओं का उत्पीड़न हुआ है। उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में जितना मुस्लिम महिलाओं का उत्पीड़न हुआ है उतना किसी का नहीं हुआ। असम का डिब्रूगढ़ और गुवाहाटी में इस वक्त जल रहा है। नगालैंड और त्रिपुरा में भी विरोध हो रहा है। आप कह रहे हैं कि इस बिल से पूरा देश खुश है?
क्या बोले सुब्रमण्यम स्वामी
राज्यसभा में नागरिकता बिल पर बोलते हुए बीजेपी नेता सुब्रमणय स्वामी ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस बिल को लेकर कांग्रेस कन्फ्यूज है और सदन को गुमराह कर ही है। इस बिल के लिए सरकार बधाई के पात्र है। चर्चा के दौरान बीजेपी नेता ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के बयान की याद दिलाई। जिसमें उन्होंने कहा था कि बांग्लादेश के अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के लिए हमें उदार होना चाहिए।
बिल विरोध में JDS, YSR कांग्रेस ने किया समर्थन
संजय सिंह ने क्या कहा
आप नेता और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने नागरिकता बिल को संविधान के खिलाफ बताया। उन्होंने कहा कि यह बिल महात्मां गांधी के सपनों के खिलाफ है। हम इस बिल का विरोध करते हैं। आप अपनी सनक को पूरा करने के लिए कुछ भी करने को तैयरा हैं।
शिवसेना कर सकती है वॉकआ
नागरिकता बिल पर सदन पर चर्चा जारी है। इस बीच खबर आ रही है कि नागरिकता बिल पर सरकार को राहत मिल सकती है। दरअसल, बिल पर वोटिंग के दौरान शिवसेना के सदन से वॉकआउट करने की खबर है। हांलाकि इस बारे में अभी पुष्टि नहीं है।
कपिल सिब्बल ने क्या कहा
राज्यसभा में नागरिकता बिल पर बोलते हुए कपिल सिब्बल ने मोदी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि आप हमारा इतिहास बदलने जा रहे। सिब्बल ने कहा कि भारत का भरोसा 2 नेशन थ्योरी में नहीं है। लेकिन मौजूदा सरकार आज दो नेशन थ्योरी सही करने जा रही है। हमरी पार्टी एक नेशन में भरोसा करती है। मोदी सरकार इस बिल को लाकर संविधान की बुनियाद को बदलना चाहती है।
संजय राउत ने क्या कहा-
शिवसेना नेता संजय राउत ने राज्यसभा में बिल पर चर्चा के दौरान का कि यह पाकिस्तान की असेंबली नहीं है। पाकिस्तान की भाषा पसंद नहीं है तो उसे खत्म करों। उन्होंने कहा कि बिल पर मानवता के आधार पर चर्चा होनी चाहिए शरणार्थियों पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। घुसपैठियों और शरणार्थियों में फर्क है। उन्होंने सरकार से सवाल करते हुए पूछा कि लाखों-करोड़ों लोग भारत आएंगे तो क्या उन्हें भी वोट का अधिकार मिलेगा?
पी. चिदंबरम ने क्या कहा
राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर चर्चा जारी है। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद ने पी. चिदंबरम ने बिल को पूरी तरह से गैर-संवैधानिक बताया। इसलिए हमारी हमारी जिम्मेदारी बनती है कि वही पास करें जो सही हो। अगर हम गैर-संवैधानिक बिल को हम पास करते हैं तो बाद में सुप्रीम कोर्ट इस बिल का भविष्य तय करेगी।
DMK ने किया विरोध, AIADMK का मिल समर्थन
नागरिकता संशोधन बिल का डीएमके, TRS और सीपीआई (एम) ने राज्यसभा में विरोध किया। वहीं, AIADMK ने इस बिल का समर्थन किया है।
JDU ने किया समर्थन
जनता दल यूनाइडेट ( JDU ) ने नागरिकता संशोधन बिल का समर्थन किया है। JDU नेता ने रामचंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यह बिल संविधान का उल्लंघन नहीं है। इस बिल को लेकर अफवाह उड़ाई जा रही है। JDU सांसद ने कहा कि हमारा देश रिपब्लिक है। यहां का हर नागरिक एक समान है और उन्हें एक समान अधिकार है। उन्होंने कहा कि हमारे देश में CJI, राष्ट्रपति भी अल्पसंख्यक समाज से हुए हैं लेकिन क्या पड़ोसी मुल्क में ऐसा नहीं। उन्होंने कहा कि कहा कि यूपीए से ज्यादा एनडीए की सरकार ने मदरसे बनाए हैं।
डेरक ओ ब्रयान ने रखी बात
नागरिकता बिल पर बोलते हुए टीएमसी से राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रयान ने कहा कि इस बिल पर संसद के बार सुप्रीम कोर्ट में भी संग्राम होगा। उन्होंने बिल का विरोध करते हुए कहा कि यह बिल भारत विरोधी है। टीएमसी सांसद ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि बीजेपी कि नींव सिर्फ तीन बातों पर टिकी झठू, झांस और जुमला।
उन्होंने बिल पर बोलते हुए कहा कि मोदी सरकार घुसपैठियों पर अधिकार छिनने का आरोप लगाती है। लेकिन उनकी सरकार में 2 करोड़ से ज्यादा लोगों का रोजगार छीन गया। इस पर कोई बात नहीं करता। आप उनका ध्यान रख नहीं सकते और बाहरी लोगों की बात कर रहे हैं।
जेपी नड्डा ने क्या कहा-
नागरिकता बिल पर बोलते हुए बीजेपी के कार्यकारी अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद जेपी नड्डा ने कहा कि नागरिकता बिल के सूत्रधार गृह मंत्री अमित शाह हैं। यह उन लोगों को न्याय देने का एक जरिया है, जो अन्याय झेल रहे हैं। देश के किसी भी नागरिक के हक पर इससे कोई आंच नहीं आएगी। भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह से सुरक्षित हैं।
कांग्रेस ने रखा अपना पक्ष
नागरिकता बिल को कांग्रेस ने संविधान के खिलाफ बताया। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि इस बिल पर सरकार इतनी जल्दबाजी क्यों है? इस बिल को संसदीय कमेटी के पास भेजा जाता, इसके बाद इसे लाया जाता। आनंद शर्मा ने कहा कि पहले वाले और अब के बिल में काफी अंतर है। इतिहास इसे कैसे देखेगा ये तो वक्त बताएगा।
कांग्रेस नेता ने कहा कि 72 साल में ऐसा पहली बार हुआ है। यह बिल विरोध के लायक ही है। यह बिल संवैधानिक और नैतिक आधार पर गलत है। यह लोगों को बांटने वाला है।
अमित शाह क्या बोले
अमित शाह ने राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को पेश करते हुए कहा कि इस बिल से करोड़ों लोगों को उम्मीदें हैं। इस बिल से उन्हें यातना से मुक्ति मिलेगी।
देश के मुसलमानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है। मुस्लिम इस देश के नागरिक थे और रहेंगे। अमित शाह ने कहा कि हमारी नजर पूर्वोतर पर भी है। वहां के लोगों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।
वहीं, लोकसभा में बिल का समर्थन करने वाली शिवसेना ने यूटर्न ले लिया है। शिवसेना राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल पर विरोध कर सकती है। शिवसेना के यूटर्न से विपक्ष का हौसला बढ़ा हुआ है।
12 बजे तक स्थगित
जीएसटी की वजह से टीआरएस सहित विभिन्न दलों के हंगामे के कारण राज्यसभा को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया है। दरअसल, जीएसटी की वजह राज्यों को होने वाले राजस्व घाटे की भरपाई मोदी सरकार समय से नहीं कर पा रही, जिसे लेकर टीआरएस और कई दलों ने हंगाम किया। जिसके बाद राज्यसभा को 12 बजे तक स्थगित कर दिया गया।
Updated on:
11 Dec 2019 10:40 pm
Published on:
11 Dec 2019 11:57 am
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