दिल्ली के गुरुद्वारों में कोरोना मरीजों को मिलेगी पनाह, कमेटी ने की पेशकश

गुरुद्वारे ने फैसला लिया है कि कोरोना वायरस के रोगियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 24 घंटे की सेवा के साथ-साथ गुरुद्वारे के 12 कमरों को साफ-सुथरा बनाया गया है।

नई दिल्ली। पूरा देश इस वक्त कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ रहा । कई राज्यों में धार्मिक स्थलों को बंद कर दिया गया है। तो वहीं दिल्ली में सिख धर्म के धार्मिक स्थल ने मरीजों के लिए अपना दरवाजा खोला है। दिल्ली के मजनू का टीला गुरुद्वारे ने कोरोनो वायरस प्रभावित लोगों के इलाज के लिए गुरुद्वारे में सुविधा देने की पेशकश की है।

गुरुद्वारे ने फैसला लिया है कि कोरोना वायरस के रोगियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए 24 घंटे की सेवा के साथ-साथ गुरुद्वारे के 12 कमरों को साफ-सुथरा बनाया गया है।

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मरीजों को आइसोलेट करने के लिए गुरुद्वारे का करे इस्तेमाल

दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सिरसा ने एक वीडियो संदेश में कहा, "पूरा देश कोरोना वायरस के खिलाफ एक साथ जुटा हुआ है। डीएसजीएमसी ने मजनू का टीला में दिल्ली सरकार को अलगाव, संगरोध के लिए स्थान देने का फैसला किया है, ताकि रोगियों को आइसोलेट कर सकें। हम खाने की जरूरतों को पूरा करने के लिए लंगर के पैकेट भी देंगे और हम सभी जरूरतें प्रदान करेंगे"

गुरुद्वारे परिसर में सभी तरह की सुविधाएं

डीएसजीएमसी गुरुद्वारा परिसर में हेल्थ स्टाफ, पर्याप्त पार्किंग और 'सबसे सुरक्षित वातावरण' के लिए अलग कमरे उपलब्ध कराएगी। हालांकि सरकार की ओर से इस पर अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से जारी बयान में बताया गया है कि दिल्ली में कोरोना का कहर बढ़ता जा रहा है इसे देखते हुए प्रबंधन ने रूम देने का फैसला किया है।

Prashant Jha
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