
अहमदाबाद. जीएसटी के अमलीकरण के बाद एक होटल को चाय पर टैक्स काटना महंगा पड़ गया। होटल ने एक कार चालक से दो कप चाय के लिए 7.63 रुपए टैक्स लिए। कार चालक ने इसके लिए कानूनी जंग लड़ी और उपभोक्ता अदालत ने होटल को टैक्स की रकम छह फीसदी ब्याज के साथ वापस करने को कहा।
इतना ही नहीं, अदालत ने होटल से उपभोक्ता को मानसिक प्रताडऩा व कानूनी खर्च के एवज में 1500 रुपए देने का भी आदेश दिया। अदालत ने बताया कि होटल की सेवा में कमी दिखी, जिसके तहत दो कप के चाय के लिए 50 रुपए का बिल दिया गया।
मामले के अनुसार, राजकोट में रैयाधार क्षेत्र निवासी मोहितराज राठौड़ गत 4 जुलाई को अपनी कार में एक सरकारी अधिकारी को लेकर राजकोट से जूनागढ़ जा रहा था।
इस दौरान हाईवे पर वे होटल न्यू अंकुर पर चाय पीने रुके और दो कप चाय का ऑर्डर दिया। होटल ने चाय के लिए दो कप के लिए 50 रुपए लिए, जिसमें 7.63 रुपए टैक्स के रूप में शामिल किए गए थे। राठौड़ ने इस टैक्स पर आपत्ति जताई और इस संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। बाद में इस टैक्स को लेकर उसने होटल के खिलाफ राजकोट की उपभोक्ता अदालत में दावा ठोका।
होटल की ओर से दलील दी गई कि एक कप चाय के लिए 21 रुपए लिए गए जिसके तहत 1.9 रुपए स्टेट जीएसटी तथा इतनी ही रकम सेन्ट्रल जीएसटी के रूप में ली गई। इस तरह एक कप चाय की कुल रकम 24.99 रुपए हुई, इसलिए होटल ने 25 रुपए लिए। होटल की ओर से 7.63 रुपए टैक्स के रूप में लिए गए। होटल प्रबंधन की ओर से कहा गया कि जीएसटी गत एक जुलाई से लागू हो चुका था, इसलिए यह रकम ली गई।
जब अदालत ने यह पूछा कि क्यों बिल में अलग-अलग टैक्स को लेकर रकम अंकित की गई है, तब होटल की ओर से कहा गया कि कम्प्यूटर अपडेट हो रहा है इसलिए एक साथ राशि का बिल निकाला गया। अदालत ने यह पाया कि बिल में कुल टैक्स लिखा गया है, लेकिन इस बारे में जीएसटी की दरों का हवाला नहीं दिया गया है। इसलिए इस तरह का बिल सेवा में कमी को दर्शाता है।
Updated on:
27 Oct 2017 02:48 pm
Published on:
26 Oct 2017 09:09 pm
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