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Liquor shop dispute: शासकीय शराब दुकान विवाद: सरपंच बोला- मैं हिंदी में हस्ताक्षर करता हूं, कलेक्टर के पास पहुंचे गांव वाले

Liquor shop dispute: ग्रामीणों ने फर्जी ग्रामसभा में प्रस्ताव पारित कर शराब दुकान खोलने का लगाया आरोप, सरपंच के नाम से फर्जी सील-हस्ताक्षर का किया दावा

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Liquor shop dispute

Villagers reached in collectorate (Photo- Patrika)

अंबिकापुर. उदयपुर जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत झिरमिटी में प्रस्तावित शासकीय अंग्रेजी शराब (Liquor shop dispute) दुकान को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। सरपंच समेत ग्रामीणों ने ग्रामसभा का फर्जी प्रस्ताव तैयार किए जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर सरगुजा से शिकायत की है। सरपंच ने कहा कि मेरा फर्जी सील और हस्ताक्षर का उपयोग प्रस्ताव में किया गया है। मैं हिंदी में हस्ताक्षर करता हूं, जबकि मेरे नाम के पास अंग्रेजी में हस्ताक्षर किया हुआ है। ग्रामीणों ने मामले की जांच की मांग की है।

मंगलवार को ग्राम पंचायत झिरमिटी के करीब 2 दर्जन से अधिक महिला-पुरुष कलेक्टोरेट पहुंचे और जनदर्शन में कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया है कि मार्च 2025 में गांव के सरपंच चंदन एक्का की फर्जी सील और हस्ताक्षर कर ग्रामसभा का प्रस्ताव तैयार किया गया और शराब दुकान (Liquor shop dispute) खोलने के लिए आबकारी विभाग को भेज दिया गया।

ग्रामीणों के अनुसार लगभग एक सप्ताह पहले आबकारी विभाग की टीम प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण करने गांव पहुंची, तब सरपंच और ग्रामीणों को इस प्रस्ताव (Liquor shop dispute) की जानकारी मिली। इसके बाद सरपंच को पता चला कि उनके नाम की सील और हस्ताक्षर का गलत उपयोग किया गया है।

Liquor shop dispute: ‘मैं हिन्दी में करता हूं हस्ताक्षर’

सरपंच चंदन एक्का का कहना है कि वे हमेशा हिन्दी में हस्ताक्षर करते हैं, जबकि ग्रामसभा के दस्तावेज में उनके नाम से अंग्रेजी में हस्ताक्षर किए गए हैं। उन्होंने इसे पूरी तरह फर्जी (Liquor shop dispute) बताते हुए मामले की जांच कराने की मांग की है।

बच्चों के भविष्य पर असर की आशंका

ग्रामीणों ने स्पष्ट कहा है कि वे गांव में शराब दुकान (Liquor shop dispute) नहीं खुलने देंगे। उनका कहना है कि शराब दुकान खुलने से गांव का माहौल खराब होगा और बच्चों के भविष्य पर भी नकारात्मक असर पड़ सकता है। साथ ही असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढऩे से गांव की शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।

शिकायत मिली है, जांच कराएंगे

इधर जिला आबकारी अधिकारी एलसी गायकवाड़ ने बताया कि शासकीय शराब दुकान (Liquor shop dispute) खोलने का प्रस्ताव करीब 1 वर्ष पहले पारित हुआ था और उस समय किसी ग्रामीण ने आपत्ति दर्ज नहीं कराई थी। अब जब दुकान खोलने की तैयारी हो रही है, तब विरोध सामने आया है।

उन्होंने कहा कि शिकायत प्राप्त हुई है, यदि प्रस्ताव में किसी प्रकार की गड़बड़ी या फर्जीवाड़ा पाया जाता है तो इसकी जांच कराई जाएगी। फिलहाल प्रक्रिया नियमानुसार बताई जा रही है।

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