होशियारपुर भूमि अधिग्रहण घोटाले में निलंबन के बाद हाल में किया गया था बहाल
चंडीगढ़। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम ने बुधवार सवेरे पंजाब सिविल सेवा के अधिकारी आनन्द शर्मा के पटियाला स्थित निवास पर छापा डाला। आनन्द सागर शर्मा करोड़ों रूपए के होशियरपुर भूमि घाटाले में अभियुक्त हैं। इस मामले में निलंबित किए जाने के बाद आनन्द सागर शर्मा को हाल में बहाल किया गया था।
मामला होशियारपुर से चिंतपूर्णी राष्ट्रीय राजमार्ग को चौड़ा करने के लिए 103 एकड़ जमीन के अधिग्रहण से सम्बंधित है। शुरूआती जांच में पता चला है कि इसमें 59 करोड़ रूपए का घोटाला किया गया है। यह मामला जून 2016 में सामने आया तो पंजाब सतर्कता ब्यूरो ने 10 फरवरी 2017 को आनन्द सागर शर्मा के अलावा राजस्व अधिकारियों, अकाली दल के नेताओं व भूमि मालिकों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। इसके बाद इस साल जून में ईडी ने प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट दर्ज की थी। इसके बाद वित्तीय गड़बड़ियों की जांच शुरू की।
मामले के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग 70 को चार लेन बनाने के लिए भूमि अधिग्रहण बढ़ी दरों पर किया गया। असरदार स्थानीय नेताओं को बढ़ी दरों पर भूमि का मुआवजा दिया गया। प्रधानमंत्री कार्यालय व केन्द्रीय परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय ने भी इस घोटाले पर संज्ञान लिया था। इस साल मार्च में गिद्दरबाहा के एसडीएम पद पर रहते आनन्द सागर शर्मा को निलंबित कर दिया गया था। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शर्मा को बहाल कर फतेहगढ़ साहिब में नियुक्त किया गया।
बता दें कि पूर्व बादल सरकार के दौरान इस तरह की भारी रिश्वतखोरी की ख़बरें सामने आयीं थीं। खुद बादल परिवार सहित अनेक बड़े अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के बड़े आरोप लगे थे जिसमें जांच किये जाने की मांग की गयी थी। इन मांगों को ध्यान रखते हुए ED ने कार्रवाई तेज की और उनके बड़े अधिकारियों की गतिविधियों की जांच की। इसी तरह की कुछ और कार्रवाई भी होने की संभावना जताई जा रही है।