
महबूबा मुफ्ती
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर की पूर्व सीएम और पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने सोमवार को कहा कि केंद्र सरकार ने 'राष्ट्रीय सुरक्षा' से जुड़ी चिंताओं को लेकर उन्हें पासपोर्ट जारी करने से मना कर दिया है।
महबूबा मुफ्ती ने ट्वीट कर बताया कि पासपोर्ट ऑफिस ने सीआईडी की रिपोर्ट के आधार पर उनके पार्सपोर्ट को जारी करने पर रोक लगाई है। इसे 'भारत की सुरक्षा के लिए हानिकारक' करार दिया है। उन्होंने कहा कि अगस्त 2019 के बाद से कश्मीर में हासिल की सामान्य स्थिति का स्तर, जहां एक पूर्व सीएम को पासपोर्ट देना राष्ट्र की संप्रभुता के लिए खतरा हो जाता है।
गौरतलब है कि हाल ही में महबूबा मुफ्ती ने पासपोर्ट के लिए जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट का रुख किया। महबूबा के मौजूदा पासपोर्ट की तारीख खत्म हो गई है, जिसे वो अपडेट करवाना चाहती हैं। मगर अभी तक पुलिस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इसके बाद अब महबूबा मुफ्ती ने हाई कोर्ट का रुख किया है।
11 दिसंबर को पासपोर्ट ऑफिस में इसे अपडेट के लिए अर्जी दी
कोर्ट में दाखिल याचिका में महबूबा मुफ्ती की ओर से कहा गया कि उनके पासपोर्ट की तारीख 31 मई,2019 तक थी। उन्होंने बीते साल 11 दिसंबर को पासपोर्ट ऑफिस में इसे अपडेट के लिए अर्जी दी थी। नियमानुसार 30 दिनों के अंदर इस प्रक्रिया को पूरा हो जाना था। मगर ऐसा नहीं हुआ है।
वर्ष 2019 में जम्मू-कश्मीर को विशेष अधिकार देने वाले अनुच्छेद 370 को बेकार किए जाने के बाद से महबूबा मुफ्ती सहित कश्मीर के कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था।
करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी
इससे पहले मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में घिरीं जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री और पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती से प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को करीब पांच घंटे तक पूछताछ की थी। अब ईडी की टीम बीते साल महबूबा मुफ्ती के घर पर छापेमारी में मिली दो डायरियों की छानबीन कर रही है।
रिपोर्ट के अनुसार ये डायरियां उनके सहायकों की ओर से संभाली जाती थीं। इन्हें 23 दिसंबर, 2020 को श्रीनगर में उनके घर से जब्त किया गया था। रिपोर्ट के अनुसार पीडीपी प्रमुख ने उन डायरियों में एक डायर का पन्ना भी दिखाया। आरोप है कि इस डायरी में सीएम फंड से अपने रिश्तेदारों के साथ पार्टी गतिविधियों और निजी तौर पर किए खर्च का ब्योरा दर्ज है।
Published on:
29 Mar 2021 04:11 pm
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