
जेएनयू में पकौड़ा तल रहे थे चार छात्र, प्रशासन ने लगाया 20-20 हजार का जुर्माना
नई दिल्ली। देश के जानी-मानी यूनिवर्सिटीज में से एक राजधानी दिल्ली की जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी के कैंपस में एक बार फिर सरकार के खिलाफ विरोध देखने को मिला। हालांकि इस बार उनका तरीका बेहद अलग था। दरअसल वहां के चार स्टूडेंट्स ने कैंपस में ही पकौड़े तलने का काम शुरू कर दिया।
चारों छात्रों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना
इन्होंने किसी रोजगार के लिए ये काम शुरू नहीं किया बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के पकौड़ा संबंधित एक बयान का विरोध जताते हुए इसे बेचना शुरू किया। उनके इस कदम को प्रशासन ने अनुशासनहीनता बताते हुए उनपर कार्रवाई की। जानकारी के मुताबिक इन सभी पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। यही नहीं इनमें से तीन छात्रों के सजा के तौर पर उनके हॉस्टल बदल दिए गए, जबकि एक को हॉस्टल से निकाल ही दिया गया।
फरवरी में पीएम ने दिया था ये बयान
गौरतलब है कि इसी साल के फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चैनल के इंटरव्यू के दौरान पकौड़े बेचने को लेकर एक बयान दिया था। दरअसल उनसे रोजगार को लेकर प्रश्न किया गया था, जिसके जवाब में उन्होंने कहा था कि अगर कोई पकौड़ा बेचकर हर रोज 200 रुपये कमाता है, तो उसे भी नौकरी के तौर पर देखा जाना चाहिए। उस वक्त सोशल मीडिया से लेकर संसद तक इस बयान पर घमासान मचा था।
अमित शाह ने भी किया था इस बयान का समर्थन
पीएम के इस बयान पर कांग्रेस समेत सभी विपक्षी दलों ने निशान साधा था। कई विपक्षी दलों के नेता और कार्यकर्ताओं ने पकौड़े तलकर भी विरोध जताया था। हालंकि बाद में बीजेपी अध्यक्ष और सांसद अमित शाह ने भी पीएम के इस बयान का समर्थन किया था। उन्होंने उल्टा विपक्षियों पर ही पलटवार करते हुए कहा कि पकौड़ा बनाना नहीं बल्कि, उसकी तुलना भिखारी के साथ करना शर्म की बात है।
Published on:
17 Jul 2018 09:12 am
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