नई दिल्ली। हरियाण जाट आंदोलन के दौरान मुरथल में 10 महिलाओं के साथ कथित गैंगरेप के मामले में पुलिस ने पीडि़ताओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। वहीं कोर्ट ने कहा है कि पीडि़ताओं को शिकायत के लिए थाने जाने की जरूरत नहीं है वे सीधे सीजेएम की अदालत में शिकायत कर सकती हैं।
उधर, हरियाणा पुलिस ने तीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं। डीएसपी भारती डबास-8053882302, डीआीजी राजश्री सिंह-9729995000 और डीएसपी सुरेंदर कौर-972990760, इन नंबरों पर पीडि़त अपनी शिकायत कर सकते हैं। वहीं 01302222903 हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। वहीं सोनीपत के मुरथल में सुखदेव ढाबे के पास महिला आयोग की टीम को लड़कियों के फटे कपड़े मिले हैं, जिससे मामले में नया मोड़ आ गया है।
उधर,पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान मुरथल ढाबे पर 10 महिलाओं से रेप की खबरों पर डीजीपी को जमकर फटकार लगाई। कोर्ट ने डीजीपी से मामले की पूरी रिपोर्ट और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। पीडि़त महिलाओं से बंद लिफाफे में विधि सेवा प्राधिकरण को शिकायत देने को कहा है।
पहचान गुप्त रखने का वादा
हाईकोर्ट ने आश्वस्त किया कि सभी की पहचान गुप्त रखी जाएगी। हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में पुलिस का रवैया शर्मनाक रहा है। कोर्ट ने आंदोलन के दौरान आर्थिक क्षति की शिकायतों के लिए हर जिले में हेल्प डेस्क बनाने का भी आदेश दिया। याद रहे कि हाईकोर्ट के जस्टिस एनके सांघी ने बुधवार को इस मामले में स्वत: संज्ञान लिया और इसे कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश को भेज दिया।
हरियाणा के महाधिवक्ता को तलब किया
हाईकोर्ट ने मामले में हरियाणा के महाधिवक्ता को तलब किया। हाईकोर्ट ने फैसला किया कि हर जिले में विधि सहायता प्राधिकरण से आगजनी व बलात्कार जैसी घटनाओं की जांच करवाई जाए। जांच में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारी हों। मामले में अगली सुनवाई 29 फरवरी को की जाएगी।
कराई जाए सीबीआई जांच
हरियाणा मानवाधिकार आयोग के सदस्य पीपी कपूर और उत्सव बैंस ने हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखा। आरोप लगाया कि पुलिस महानिरीक्षक व उपायुक्त गवाहों को धमका रहे हैं। उन्होंने कहा कि मामले की सीबीआई से जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने इस मांग को लेकर राज्यपाल को भी ज्ञापन सौंपा है।
जांच कमेटी गठित
हरियाणा सरकार ने हिंसा की निरपेक्ष जांच के लिए उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह और नव नियुक्त एडीजीपी बीके सिन्हा के निर्देशन में कमेटी का गठन किया है। सिन्हा आंदोलन के दौरान के पब्लिक फुटेज और वीडियो की पड़ताल करेंगे।