
Randeep Guleria
नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर में राजधानी दिल्ली में ऑक्सीजन की किल्लत को लेकर मचे बवाल के बीच सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित की गई ऑडिट कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट पर दिल्ली सरकार और विपक्ष के बीच घमासान मचा हुआ है। इस बीच, एम्स के चीफ रणदीप गुलेरिया ने आज इस विवाद को शांत करने की कोशिश करते हुए अभी फाइनल रिपोर्ट नहीं आई है।
सुप्रीम कोर्ट का फैसला आना अभी बाकी है
ऑडिट कमेटी की अगुवाई करने वाले डॉक्टर गुलेरिया ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा कि दिल्ली ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट एक अंतरिम रिपोर्ट है। मुझे नहीं लगता है कि हम ऐसा कह सकते हैं कि ऑक्सीजन की मांग को 4 गुना बढ़ा चढ़ाकर बताया गया। गुलेरिया ने आगे कहा कि यह मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। हम सभी को इंतजार करना चाहिए। इस मामले में शीर्ष कोर्ट का फैसला आना अभी बाकी है।
ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट पर बीजेपी और केजरीवाल आमने—सामने
बीजेपी ने आरोप लगाया कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में ऑक्सीजन की जरूरत से चार गुना अधिक मांग की थी। उनके इस 'झूठ' के कारण कम से कम 12 राज्यों में जीवन रक्षक ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हुई। इन आरोपों पर केजरीवाल ने ट्वीट के जरिए यह भी स्पष्ट किया था और कहा था-मेरा गुनाह- मैं अपने दो करोड़ लोगों की सांसो के लिए लड़ा, जब आप चुनावी रैली कर रहे थे, मैं रात भर जागकर ऑक्सीजन का इंतजाम कर रहा था, लोगों को ऑक्सीजन दिलाने के लिए मैं लड़ा, गिड़गिड़ाया। लोगों ने ऑक्सीजन की कमी से अपनों को खोया। उन्हें झूठा मत कहिए। उन्हें बहुत बुरा लग रहा है।
मामले अगली सुनवाई 30 जून को
रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी लहर के पीक के दौरान केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की ऑक्सीजन जरूरतों को चार गुना बढ़ा चढ़ाकर बताया। इसके बाद दिल्ली सरकार और केंद्र में जुबानी जंग शुरू हो गई है। आपको बताते चलें कि दिल्ली ऑक्सीजन ऑडिट रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट कमेटी की ओर से कोर्ट में अभी यह रिपोर्ट जमा नहीं कराई गई है। इस मामले पर अगली सुनवाई 30 जून को होनी है।
Updated on:
26 Jun 2021 02:00 pm
Published on:
26 Jun 2021 01:49 pm
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